राशन की कालाबाजारी पर डीएम की सख्ती, उचित दर विक्रेता के खिलाफ एफआईआर,

मिर्जापुर सई में जांच के दौरान गेहूं, चावल, बाजरा और चीनी की कमी मिली, कार्डधारकों ने भी की कम राशन देने की शिकायत।
एटा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता और खाद्यान्न की कमी मिलने पर जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देश पर सकीट विकासखंड की ग्राम पंचायत मिर्जापुर सई के उचित दर विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की गई है।
पूर्ति निरीक्षक गुलशन कुमार की जांच में दुकान के अभिलेखीय और भौतिक सत्यापन के दौरान गेहूं, चावल, बाजरा और चीनी निर्धारित अवशेष मात्रा से कम मिले। जांच के दौरान कार्डधारकों ने भी निर्धारित मानक के अनुरूप राशन नहीं मिलने और कम मात्रा में खाद्यान्न दिए जाने की शिकायत की।
जांच में दुकान पर निर्धारित रेट, सूचना बोर्ड और हेल्पलाइन संबंधी सूचनाएं भी मानक के अनुरूप प्रदर्शित नहीं मिलीं। जांच आख्या के अनुसार उचित दर विक्रेता प्रमोद कुमार दुकान का संचालन स्वयं न कराकर अपने भतीजे दीपक यादव पुत्र विनोद कुमार के सहयोग से करा रहा था। जांच में कम पाए गए खाद्यान्न की कालाबाजारी किए जाने की पुष्टि करते हुए इसे गंभीर अनियमितता माना गया।
मामले में प्रमोद कुमार और दीपक यादव के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत अभियोग पंजीकृत कराया गया है। जिलाधिकारी ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता, खाद्यान्न की कालाबाजारी या पात्र लाभार्थियों के अधिकारों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।




