वर्षों पुराने चेहरे के असहनीय दर्द से मिली राहत — ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया मरीजों के अनुभव

🔴 12 वर्षों से दर्द से परेशान मरीज को मिली राहत
मैं पिछले 12 वर्षों से ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया के कारण चेहरे के दाहिने हिस्से में करंट जैसे तेज़ और असहनीय दर्द से पीड़ित थी। दर्द इतना तीव्र होता था कि खाना खाना, दाँत साफ करना, पानी पीना और सामान्य रूप से बोलना भी बेहद कठिन हो गया था। कई वर्षों तक विभिन्न दवाइयाँ और उपचार लेने के बावजूद मुझे पर्याप्त राहत नहीं मिल पाई।

इसके बाद मैं डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS), लखनऊ के पेन मेडिसिन यूनिट में उपचार के लिए पहुँची। चिकित्सकों ने मेरी स्थिति की जाँच के बाद परक्यूटेनियस बैलून कम्प्रेशन (PBC) नामक न्यूनतम हस्तक्षेप वाली प्रक्रिया के बारे में समझाया। प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई और इसके बाद मेरे वर्षों पुराने चेहरे के दर्द में बहुत राहत मिली। आज मैं बिना डर के खाना खा सकती हूँ, बातचीत कर सकती हूँ और अपने दैनिक कार्य सामान्य रूप से कर सकती हूँ।

🔴 6 वर्षों से चेहरे के दर्द से जूझ रही मरीज का अनुभव
मैं लगभग 6 वर्षों से चेहरे के एक तरफ अचानक होने वाले तेज़, बिजली के झटके जैसे दर्द से परेशान थी। कई बार दर्द इतना अधिक होता था कि रोज़मर्रा के काम करना और सामान्य भोजन करना भी मुश्किल हो जाता था। अलग-अलग दवाइयों के बावजूद दर्द बार-बार वापस आ जाता था, जिससे मेरा सामान्य जीवन काफी प्रभावित हो रहा था।

RMLIMS लखनऊ के पेन मेडिसिन यूनिट में परामर्श के बाद मुझे मेरी बीमारी और उपलब्ध उपचार विकल्पों के बारे में विस्तार से बताया गया। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार मेरा परक्यूटेनियस बैलून कम्प्रेशन (PBC) किया गया। प्रक्रिया के बाद मेरे चेहरे के दर्द में उल्लेखनीय राहत मिली। अब मैं पहले की तुलना में अधिक आराम से खाना खा सकती हूँ और अपने दैनिक कार्य कर सकती हूँ। इतने वर्षों तक दर्द सहने के बाद राहत मिलना मेरे लिए बहुत बड़ी खुशी की बात है।
🔴 3 वर्षों से ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया से पीड़ित मरीज की कहानी
मैं पिछले 3 वर्षों से चेहरे में होने वाले अचानक तेज़ और चुभने वाले दर्द से परेशान था। हल्का सा स्पर्श, चेहरा धोना, दाँत साफ करना या खाना खाने जैसी सामान्य गतिविधियों से भी कई बार दर्द शुरू हो जाता था। इस वजह से मैं हमेशा दर्द के अगले दौरे को लेकर चिंतित रहता था और मेरी दिनचर्या प्रभावित हो गई थी।

RMLIMS लखनऊ के पेन मेडिसिन यूनिट में दिखाने के बाद मेरी समस्या का उचित मूल्यांकन किया गया और मुझे परक्यूटेनियस बैलून कम्प्रेशन (PBC) के बारे में बताया गया। प्रक्रिया के बाद मेरे दर्द में काफी राहत मिली और मेरी दैनिक गतिविधियों में सुधार हुआ। अब मैं पहले की तुलना में अधिक सहजता से खाना-पीना और सामान्य काम कर पा रहा हूँ।
तीनों मरीजों ने डॉ. शिवानी रस्तोगी, डॉ. अनुराग अग्रवाल, डॉ. मोहम्मद अलीम, डॉ. सबरी, डॉ. हर्षिता, डॉ. नितिन, डॉ. मानसी एवं पूरी पेन मेडिसिन टीम, RMLIMS लखनऊ का हृदय से आभार व्यक्त किया।



