बरेली: कोटेदार की दुकान से राशन गायब, 198.57 कुंतल का मिला घपला

दो-तीन माह से अंगूठा लगवाने के बाद राशन नहीं मिलने की शिकायत, जसवीर के खिलाफ मुकदमे और अनुबंध निलंबन की संस्तुति

बरेली में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता का मामला सामने आया है। आलमपुर जाफराबाद के ग्राम पंचायत संधा में उचित दर विक्रेता जसवीर पुत्र दरबारी की दुकान के निरीक्षण में गेहूं, चावल और चीनी का स्टॉक मौके पर शून्य मिला। स्टॉक रजिस्टर और वितरण संबंधी अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके। जांच में ऑनलाइन अभिलेखों और मौके पर उपलब्ध स्टॉक का मिलान करने पर 198.57 कुंतल खाद्यान्न एवं चीनी की गंभीर अनियमितता सामने आई है। मामले में उचित दर विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत अभियोग पंजीकृत कराने और अनुबंध-पत्र निलंबित किए जाने की संस्तुति की गई है।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न के स्टॉक, वितरण और लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में पूर्ति निरीक्षक आंवला ने 15 सितंबर को ग्राम पंचायत संधा स्थित उचित दर विक्रेता जसवीर की दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया।
दुकान पर गेहूं-चावल और चीनी का स्टॉक नहीं मिला
निरीक्षण के दौरान दुकान पर उपलब्ध खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया गया। इसमें अंत्योदय और पात्र गृहस्थी योजना के गेहूं तथा चावल के साथ चीनी का स्टॉक मौके पर शून्य पाया गया। विक्रेता से स्टॉक रजिस्टर और वितरण से संबंधित अभिलेख मांगे गए, लेकिन वह इन्हें भी प्रस्तुत नहीं कर सका।
दुकान पर स्टॉक उपलब्ध न होने के संबंध में विक्रेता की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या अभिलेख भी नहीं दिए गए। जांच के समय मौजूद राशनकार्डधारकों के लिखित बयान भी दर्ज किए गए। इनमें कई कार्डधारकों ने राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत की।
कुछ कार्डधारकों ने बताया कि पिछले दो से तीन माह से ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें राशन नहीं दिया गया। हालांकि, कुछ कार्डधारकों ने निर्धारित मात्रा में राशन मिलने की बात भी कही।
ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज था 198.57 कुंतल खाद्यान्न
जांच के दौरान ऑनलाइन उपलब्ध स्टॉक और वितरण संबंधी अभिलेखों का मौके पर मौजूद स्थिति से मिलान किया गया। रिपोर्ट के अनुसार अंत्योदय योजना के गेहूं का 28.14 कुंतल और पात्र गृहस्थी योजना के गेहूं का 54.64 कुंतल स्टॉक ऑनलाइन दर्ज था।
इसी तरह अंत्योदय योजना के चावल का 18.91 कुंतल और पात्र गृहस्थी योजना के चावल का 82.26 कुंतल स्टॉक अभिलेखों में प्रदर्शित था। इसके अलावा बाजरा और चीनी का स्टॉक भी ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज था, लेकिन मौके पर भौतिक सत्यापन में यह उपलब्ध नहीं मिला।
जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया सितंबर 2026 के वितरण के सापेक्ष कुल 198.57 कुंतल खाद्यान्न एवं चीनी के स्टॉक में गंभीर अनियमितता सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार खाद्यान्न के कालाबाजारी या अवैध रूप से वर्जन किए जाने तथा राशनकार्डधारकों को उनके देय आवश्यक वस्तुओं का वितरण नहीं किए जाने की स्थिति प्रथम दृष्टया पाई गई।
आवश्यक वस्तु अधिनियम में कार्रवाई की संस्तुति
जांच रिपोर्ट में प्रकरण को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध बताया गया है। इसके आधार पर उचित दर विक्रेता जसवीर के विरुद्ध धारा 3/7 के तहत अभियोग पंजीकृत कराने की संस्तुति की गई है।
इसके साथ ही विक्रेता का अनुबंध-पत्र निलंबित किए जाने के लिए सक्षम स्तर से अनुमोदन प्रदान किए जाने की भी संस्तुति की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिले में राशन की दुकानों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की जांच आगे भी जारी रहेगी। अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




