टैक्स नोटिस विवाद पहुंचा महापौर के दरबार, गणेशगंज-अमीनाबाद के व्यापारियों ने लगाई शिकायतों की गुहार

टैक्स निर्धारण और नोटिस वितरण की प्रक्रिया पर व्यापारियों ने उठाए सवाल, महापौर ने कमेटी गठित कर जांच का दिया आश्वासन
लखनऊ। गणेशगंज और अमीनाबाद क्षेत्र में टैक्स नोटिस और टैक्स के पुनर्निर्धारण को लेकर व्यापारियों की शिकायतें अब महापौर के दरबार तक पहुंच गई हैं। क्षेत्र के कई व्यापारी महापौर सुषमा खर्कवाल के कैंप कार्यालय पहुंचे और टैक्स निर्धारण तथा नोटिस वितरण की प्रक्रिया को लेकर अपनी समस्याएं और शिकायतें सामने रखीं।
व्यापारियों का कहना है कि उनका विरोध टैक्स देने को लेकर नहीं है, बल्कि टैक्स निर्धारण और नोटिस बांटने की प्रक्रिया को लेकर है। व्यापारियों ने पूरे मामले की जांच कराने के साथ ही राजस्व निरीक्षक देवी शंकर दुबे को संबंधित क्षेत्र से हटाने की मांग की।
व्यापारियों ने यह भी मांग रखी कि क्षेत्र में कैंप लगाकर उनके टैक्स से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाए, ताकि मौके पर ही उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।
महापौर ने कमेटी गठित कर जांच का दिया आश्वासन
महापौर सुषमा खर्कवाल ने व्यापारियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कराने का आश्वासन दिया। महापौर ने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत है तो उसके प्रमाण प्रस्तुत किए जाएं। प्रमाण मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि क्षेत्र में नोटिस बांटने जाने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपना आईकार्ड लगाकर ही जाए, जिससे व्यापारियों को नोटिस देने वाले कर्मचारी की पहचान स्पष्ट हो सके।
पार्षद ने भी कार्रवाई का भरोसा दिलाया
क्षेत्रीय पार्षद गिरीश गुप्ता ने भी व्यापारियों की समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और व्यापारियों के हित में जो भी आवश्यक कदम होगा, वह उठाया जाएगा।
पार्षद गिरीश गुप्ता ने यह बात सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के राज्य संवाददाता मनीष मिश्रा से बातचीत के दौरान कही।
अधिकारियों का पक्ष जानने पहुंची सूचना इंडिया टीम
वहीं, इस पूरे मामले में संबंधित नगर निगम अधिकारियों का पक्ष जानने के लिए सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल की टीम नगर निगम मुख्यालय पहुंची। राज्य संवाददाता मनीष मिश्रा ने प्रभारी जोनल अधिकारी और कर अधीक्षक से मामले को लेकर जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन दोनों अधिकारी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं मिले।
इसके अलावा अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव भी उस समय कार्यालय में मौजूद नहीं थे
फिलहाल गणेशगंज और अमीनाबाद के व्यापारियों की शिकायतें सीधे महापौर तक पहुंच चुकी हैं। अब देखना होगा कि जांच कमेटी की कार्रवाई के बाद टैक्स निर्धारण और नोटिस वितरण को लेकर व्यापारियों की शिकायतों का क्या समाधान निकलता है।












