बिल्लौचपुरा में सफाई व्यवस्था बेपटरी, जगह-जगह कूड़े के ढेर, जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल

नगर निगम जोन-2 में बदहाल सफाई व्यवस्था से उठे सवाल, पार्षद की निगरानी भी सवालों के घेरे में; नए जोनल सेनेटरी अफसर सतीश यादव के सामने व्यवस्था सुधारने की चुनौती
लखनऊ। राजधानी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के नगर निगम के दावों के बीच जोन-2 के बिल्लौचपुरा में सफाई व्यवस्था बेपटरी नजर आ रही है। जगह-जगह कूड़े के ढेर और गंदगी जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। सफाई कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक जिम्मेदारी तय होने के बावजूद क्षेत्र की स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा। ऐसे में स्थानीय पार्षद की निगरानी और नगर निगम के अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं।

🔴 जोनल अधिकारी की इच्छा कुछ और, जिम्मेदारी मिली सतीश यादव को
जोन-2 में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी को लेकर भी चर्चाएं हैं। बताया जा रहा है कि जोनल अधिकारी मनोज यादव स्वयं सफाई व्यवस्था की निगरानी करना चाहते थे। हालांकि नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सतीश यादव पर भरोसा जताते हुए उन्हें जोनल सेनेटरी अफसर की जिम्मेदारी सौंपी। अब इस भरोसे पर खरा उतरना सतीश यादव के लिए बड़ी चुनौती है।


🔴 सफाई इंस्पेक्टर से बने अफसर, क्षेत्र को समझना चुनौती
सतीश यादव इससे पहले सफाई इंस्पेक्टर रहे हैं। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पूरे जोन की भौगोलिक स्थिति, वार्डों की समस्याओं, कर्मचारियों की तैनाती और कूड़ा उठान की व्यवस्था समझना उनके लिए चुनौती होगी। हालांकि गंदगी से जूझ रहे क्षेत्रों में सुधार के लिए ज्यादा इंतजार नहीं किया जा सकता।
🔴 पार्षद की निगरानी पर सवाल, जवाबदेही किसकी?
बिल्लौचपुरा की बदहाल सफाई व्यवस्था स्थानीय पार्षद की निगरानी पर भी सवाल खड़े करती है। आखिर नियमित सफाई और कूड़ा उठान की मॉनिटरिंग कौन कर रहा है? वार्ड स्तर से लेकर जोनल अधिकारियों तक जवाबदेही तय होना जरूरी है।
🔴 नगर आयुक्त के भरोसे की परीक्षा
नगर आयुक्त गौरव कुमार शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने पर लगातार जोर दे रहे हैं। ऐसे में बिल्लौचपुरा की स्थिति जोनल अधिकारी मनोज यादव और जोनल सेनेटरी अफसर सतीश यादव के लिए परीक्षा बन गई है। अब देखना होगा कि अधिकारियों की सक्रियता सड़कों पर दिखाई देती है या कूड़े के ढेर नगर निगम के स्वच्छता दावों की पोल खोलते रहेंगे।



