सेंट्रल एकेडमी में छात्रा से अभद्र हरकत के आरोप पर प्रिंसिपल का सख्त रुख, छात्र को स्कूल से निकाला

प्रिंसिपल डीपी सिंह बोले—4 हजार बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन मेरी जिम्मेदारी, गलती पर कार्रवाई जरूरी, लेकिन बच्चों का भविष्य भी महत्वपूर्ण
लखनऊ। इंदिरानगर सेक्टर-9 स्थित सेंट्रल एकेडमी स्कूल में कक्षा नौ की छात्रा के साथ कथित अभद्र हरकत के मामले में प्रधानाचार्य डीपी सिंह ने विद्यालय प्रशासन का पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि घटना संज्ञान में आते ही उसी दिन दोनों विद्यार्थियों के अभिभावकों को बुलाकर बातचीत की गई और आरोपित छात्र के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे विद्यालय से निकाल दिया गया। अगले दिन नियमानुसार टीसी भी जारी कर दी गई।

इससे पहले छात्र को एक महीने के लिए निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि विद्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कठोर निर्णय लिया।
🔴 चार हजार बच्चों की जिम्मेदारी, अनुशासन से समझौता नहीं
प्रधानाचार्य डीपी सिंह ने बताया कि दोनों विद्यार्थी एक ही कक्षा में पढ़ते थे। उनके बीच किसी बात को लेकर आपसी मनमुटाव था। इससे पहले छात्रा को परेशान किए जाने की कोई लिखित शिकायत विद्यालय को नहीं मिली थी। उनके अनुसार, छात्रा के पिता ने विद्यालय की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया।
डीपी सिंह ने कहा, “विद्यालय के चार हजार बच्चों की जिम्मेदारी मेरी है। किसी भी बच्चे की सुरक्षा और अनुशासन से समझौता नहीं होगा। भविष्य में भी गलत आचरण पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

🔴 गलती पर कार्रवाई जरूरी, लेकिन बच्चों का भविष्य भी अनमोल
प्रधानाचार्य की त्वरित कार्रवाई ने विद्यालय में अनुशासन का स्पष्ट संदेश दिया है। हालांकि, यह भी जरूरी है कि दोनों नाबालिग विद्यार्थियों की पहचान और सम्मान सुरक्षित रहे।

यह घटना अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी सीख है कि बच्चों के बीच मनमुटाव को समय रहते संवाद से सुलझाया जाए।
संदेश स्पष्ट है,न किसी बेटी के सम्मान से समझौता हो और न किसी बच्चे के भविष्य को सुधार का अवसर दिए बिना अंधकार में धकेला जाए। शिक्षा का उद्देश्य अनुशासन के साथ बेहतर इंसान बनाना भी है।


