फैजुल्लागंज में बाढ़ के बाद सफाई अभियान तेज, नगर आयुक्त गौरव कुमार ने लोहरामऊ और दाउदनगर का किया निरीक्षण

60 पंपों से जलनिकासी, 12 मशीनों से नालों की सफाई; 67 एकड़ में ड्रोन से एंटी लार्वा छिड़काव, 22 किलोमीटर गलियों में फॉगिंग
लखनऊ। राजधानी के फैजुल्लागंज में बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही नगर निगम ने सफाई, जलनिकासी और मच्छर नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। गुरुवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार ने लोहरामऊ और दाउदनगर का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं सफाई कार्यों की हकीकत परखी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन इलाकों से पानी उतर चुका है, वहां कीचड़, सिल्ट और गंदगी तत्काल हटाई जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए।



🔴 60 पंपों से निकाला जा रहा पानी, जलभराव खत्म करने पर जोर
नगर निगम के मुताबिक, जोन-3 और जोन-6 के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 60 पंप लगाए गए हैं। इनमें जोन-3 में 40 डीजल और आठ इलेक्ट्रिक सहित 48 पंप संचालित हैं, जबकि जोन-6 में 12 डीजल पंपों से जलनिकासी कराई जा रही है।


नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि जहां अभी भी पानी जमा है, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए जलनिकासी सुनिश्चित की जाए। पानी उतरने वाले क्षेत्रों में मड पंप लगाकर सिल्ट हटाई जाए, ताकि सड़कें और गलियां जल्द आवागमन योग्य बन सकें।
🔴 12 मशीनों से डीसिल्टिंग, नालों और सेप्टिक टैंकों की सफाई
बाढ़ के बाद जमा कीचड़ और गंदगी हटाने के लिए 12 टीएमएक्स डीसिल्टिंग मशीनें लगाई गई हैं। इनके माध्यम से नालों में जमा सिल्ट निकालने के साथ सेप्टिक टैंकों की सफाई कराई जा रही है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को सफाई कार्यों की नियमित निगरानी करने और जलनिकासी में बाधा बनने वाली गंदगी को प्राथमिकता से हटाने के निर्देश दिए।



🔴 67 एकड़ में ड्रोन से छिड़काव, 22 किलोमीटर गलियों में फॉगिंग
बाढ़ के बाद मच्छरजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग अभियान भी तेज किया है। जोन-3 में तीन ड्रोन की मदद से लगभग 67 एकड़ क्षेत्र में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। पांच मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें और 15 बैटरी चालित एंटी लार्वा मशीनें भी लगाई गई हैं।
जोन-3 में चार बड़ी और 10 छोटी फॉगिंग मशीनें, जबकि जोन-6 में सात बड़ी और 24 छोटी मशीनें लगाई गई हैं। नगर निगम के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों की करीब 22 किलोमीटर गलियों में फॉगिंग कराई गई है। छह टैंकरों से सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव भी कराया जा रहा है।



🔴 176 थ्री-व्हीलर और 55 टाटा ऐस वाहनों से कूड़ा उठान
जोन-6 में सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 176 थ्री-व्हीलर वाहनों से घर-घर कूड़ा एकत्र किया जा रहा है। इसके अलावा लगभग 55 टाटा ऐस वाहन, आठ ट्रैक्टर और आठ मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें तैनात की गई हैं। प्रभावित बस्तियों में ब्लीचिंग पाउडर, चूना, मैलाथियान और एंटी लार्वा का प्रयोग भी कराया जा रहा है।



🔴 नगर आयुक्त के निर्देश—सफाई में तेजी लाएं, पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करें
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई और जलनिकासी कार्यों में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए। नालियों, सड़कों और गलियों से कीचड़ हटाने के साथ स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मच्छर नियंत्रण अभियान लगातार चलाने और प्रभावित क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने को कहा।
नगर निगम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित बस्तियों को जल्द से जल्द साफ-सुथरा और सामान्य जनजीवन के अनुकूल बनाना है।


