भाजपा ने सदन उपनेता के लिए मुन्ना मिश्रा के नाम पर लगाई मुहर, मेयर की सहमति पर अब भी संशय
लखनऊ। नगर निगम सदन में भाजपा पार्षद दल के पदाधिकारियों को लेकर कई दिनों से चल रही राजनीतिक कवायद अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। पार्टी संगठन ने सदन उपनेता समेत प्रमुख पदों के लिए नाम लगभग तय कर दिए हैं। मंगलवार को इन नामों की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है। हालांकि, अंतिम सूची को लेकर मेयर की सहमति को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
🔴 उपनेता पद के लिए मुन्ना मिश्रा पर संगठन की सहमति
पार्टी सूत्रों के अनुसार सदन उपनेता पद के लिए मुन्ना मिश्रा, राजेश सिंह ‘गब्बर’ और सौरभ सिंह ‘मोनू’ के नाम पैनल में शामिल थे। संगठन ने इन तीनों में मुन्ना मिश्रा के नाम पर लगभग अंतिम मुहर लगा दी है। अब केवल औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
🔴 मुख्य सचेतक, सचेतक और कोषाध्यक्ष के नाम भी लगभग तय
सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचेतक के लिए शैलेंद्र वर्मा, सचेतक के लिए अमित चौधरी और कोषाध्यक्ष के लिए केएन सिंह के नाम पर भी सहमति बन चुकी है। बताया जा रहा है कि प्रदेश नेतृत्व से भी इन नामों को हरी झंडी मिल गई है।
🔴 सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति
भाजपा ने पदाधिकारियों के चयन में सामाजिक समीकरणों का भी ध्यान रखा है। उपनेता और कोषाध्यक्ष के पद पर सामान्य वर्ग, मुख्य सचेतक के पद पर पिछड़ा वर्ग तथा सचेतक के पद पर अनुसूचित जाति के प्रतिनिधि को जिम्मेदारी देने की तैयारी है। इसे पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
🔴 मेयर कैंप की पसंद अलग, यहीं से बढ़ा असमंजस
सूत्र बताते हैं कि मेयर खेमे की पहली पसंद उपनेता पद के लिए हिंदनगर वार्ड के पार्षद सौरभ सिंह ‘मोनू’ रहे हैं। वहीं कोषाध्यक्ष पद के लिए राम नरेश रावत के नाम की पैरवी की गई थी। सचेतक और मुख्य सचेतक के पदों को लेकर भी मेयर कैंप की राय संगठन से अलग बताई जा रही है।
🔴 मुन्ना मिश्रा के नाम पर अंदरखाने विरोध की चर्चा
मुन्ना मिश्रा के नाम को लेकर पार्टी के भीतर विरोध की भी चर्चा है। ट्रांसगोमती क्षेत्र के एक भाजपा विधायक ने संगठन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि विधायक और मुन्ना मिश्रा के बीच लंबे समय से राजनीतिक मतभेद रहे हैं। इसके बावजूद संगठन ने आपत्तियों को दरकिनार करते हुए उनके नाम पर सहमति बना ली।
🔴 अब निगाहें मेयर के अंतिम रुख पर
भाजपा संगठन की ओर से नाम लगभग तय किए जाने के बाद अब सबकी नजर मेयर की अंतिम सहमति पर है। यदि संगठन और मेयर की राय पूरी तरह एक नहीं हुई तो नगर निगम की राजनीति में एक नया विवाद भी सामने आ सकता है। ऐसे में आधिकारिक सूची जारी होने के बाद भी राजनीतिक हलचल थमने के आसार फिलहाल कम नजर आ रहे हैं।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 8 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।