पिछड़ा वर्ग आयोग ने एटा में जानी आरक्षण और प्रतिनिधित्व की स्थिति

सामाजिक,
शैक्षिक और आर्थिक पिछड़ेपन पर लिए सुझाव, प्रमाणिक तथ्यों के आधार पर शासन को दी जाएंगी संस्तुतियां।
अमित कुमार,
(विशेष संवाददाता)
सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल,
एटा। स्थानीय एवं ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रतिनिधित्व और आरक्षण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग शुक्रवार को एटा पहुंचा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें ओबीसी समाज की सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में जिला पंचायत के संबंधित सदस्य, निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख एवं प्रशासक, क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा ग्राम प्रधान एवं प्रशासकों सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष अपने सुझाव और तथ्य रखे। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति और स्थानीय निकायों में राजनीतिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर जानकारी दी।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में आयोग प्रदेश के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर रहा है। इसका उद्देश्य अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक पिछड़ेपन के साथ स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व की वास्तविक स्थिति का अध्ययन करना है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से प्राप्त प्रमाणिक तथ्यों, सुझावों और आपत्तियों के आधार पर आयोग शासन को अपनी संस्तुतियां देगा।
बैठक में आयोग ने विकासखंडवार आए जनप्रतिनिधियों से सवाल-जवाब कर ग्रामीण क्षेत्रों में ओबीसी समुदाय की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान संख्या के अनुपात में आरक्षण, शिक्षा के स्तर में सुधार, रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठी।
मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने जिले की प्रशासनिक एवं भौगोलिक स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि एटा का क्षेत्रफल 2456 वर्ग किलोमीटर और वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी 17,74,480 है। जिले में तीन तहसील, आठ विकासखंड, 569 ग्राम पंचायत, आठ क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के 30 वार्ड हैं।
आयोग के समक्ष जिला पंचायत स्तर पर ओबीसी प्रतिनिधित्व से संबंधित आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। अध्यक्ष ने कहा कि आयोग को प्राप्त सभी सूचनाओं और सुझावों का परीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और शासन को प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से तथ्यपरक और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।
बैठक में जनप्रतिनिधियों से जानकारी लेते पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष।







