फैक्ट्री और रिहायशी इलाके के सामने शव जलाने को लेकर विवाद, मौके पर पहुंची पुलिस

सरोजिनी नगर में शव जलाने को लेकर हंगामा, फैक्ट्री मालिक और स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा, इंस्पेक्टर ने दो दिन में समाधान का दिया आश्वासन
लखनऊ- थाना सरोजिनी नगर क्षेत्र के हनुमान विहार, गंगा नगर, अमौसी इलाके में रिहायशी क्षेत्र और फैक्ट्री के सामने शव का अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। शव जलाए जाने का स्थानीय लोगों और फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से विरोध किया गया, जिसके बाद मौके पर काफी संख्या में लोग जुट गए।
मामला निराला हर्बल बायो एनर्जी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के परिसर के सामने का बताया जा रहा है। फैक्ट्री मालिक हेमंत त्रिवेदी निराला का कहना है कि यहां उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित एफपीओ के तहत मिलेट्स प्रसंस्करण, पैकिंग एवं विपणन केंद्र संचालित होता है। उनका आरोप है कि फैक्ट्री के सामने शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है, जबकि आसपास रिहायशी मकान हैं और उनके मुताबिक वहां कोई निर्धारित श्मशान घाट नहीं है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले में कानूनी कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग की है।
वहीं, स्थानीय लोगों ने भी रिहायशी इलाके के बीच शव का अंतिम संस्कार किए जाने पर आपत्ति जताई। लोगों का कहना था कि इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विवाद की सूचना मिलने पर थाना सरोजिनी नगर के इंस्पेक्टर राजदेव प्रजापति पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान सरोजिनी नगर की महिला भाजपा पार्षद गीता देवी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। लोगों ने पुलिस के सामने अपनी समस्याएं रखीं और शव जलाने के स्थान को लेकर आपत्ति दर्ज कराई।
मौके पर काफी देर तक लोगों की भीड़ जमा रही और माहौल तनावपूर्ण बना रहा। पुलिस ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर राजदेव प्रजापति ने स्थानीय लोगों को आश्वासन देते हुए दो दिन का समय लिया, ताकि आगे इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो और समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में मौके से करीब 20 कदम की दूरी पर शव का अंतिम संस्कार कराया गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई और पुलिस ने शांति व्यवस्था कायम कराई।
मामले में स्थानीय लोगों की नाराजगी के बीच पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रही। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर विवाद को बढ़ने से रोक दिया। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि दो दिन के भीतर इस समस्या का स्थायी समाधान किस तरह निकाला जाता है।
फिलहाल मौके पर स्थिति शांत है। पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।














