जोनल अधिकारी बदले, लेकिन नहीं बदला सफाई का सिस्टम!
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दे रहे हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार और महापौर सुषमा खर्कवाल भी लखनऊ को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल करने का लक्ष्य बता रहे हैं। लेकिन सूचना इंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट ने नगर निगम जोन-3 के फैजुल्लागंज द्वितीय वार्ड की एक अलग ही तस्वीर सामने रखी है। यहां कृष्ण लोक कॉलोनी में नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं, कूड़े के ढेर लगे हैं और स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है।
🔴 ‘बीमार हो रहे हैं लोग, कोई सुनने वाला नहीं’
सूचना इंडिया टीम से बातचीत के दौरान कृष्ण लोक कॉलोनी की महिलाओं ने खुलकर अपनी पीड़ा बयां की। महिलाओं ने कहा कि क्षेत्र में लगातार गंदगी बनी रहती है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि स्थानीय पार्षद प्रियंका बाजपेयी कभी क्षेत्र में दिखाई नहीं देतीं और शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
महिलाओं ने कहा कि यदि किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि को क्षेत्र की वास्तविक स्थिति देखनी है तो वह बारिश के दौरान यहां आकर देखे, जब पूरी कॉलोनी जलभराव और गंदगी से जूझती है।
🔴 तीन-चार दिन बाद आती है कूड़ा गाड़ी
स्थानीय लोगों के अनुसार डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कई बार तीन-तीन और चार-चार दिन तक कूड़ा गाड़ी नहीं आती, जिसके कारण लोग मजबूरी में खाली प्लॉटों और नालियों के किनारे कूड़ा फेंकने लगते हैं। इसका सीधा असर पूरे क्षेत्र की स्वच्छता पर पड़ रहा है।
🔴 झाड़ू नहीं लगती, नालियों की सिल्ट सड़क पर पड़ी रहती है
महिलाओं ने बताया कि सफाई कर्मचारी नियमित रूप से झाड़ू लगाने नहीं आते। नालियों की सफाई के बाद निकाली गई सिल्ट कई-कई दिनों तक सड़क किनारे पड़ी रहती है। इससे बदबू फैलती है, मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और जल निकासी भी बाधित होती है।
🔴 एंटी लार्वा और फॉगिंग का भी इंतजार
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरसात के मौसम के बावजूद कॉलोनी में एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग नहीं कराई जा रही। जबकि नगर निगम हर वर्ष इन कार्यों पर बड़ा बजट खर्च करता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा और बढ़ जाएगा।
🔴 ‘सफाई के नाम पर भी मांगे जाते हैं पैसे’
कुछ महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में सफाई करने आने वाले कुछ कर्मचारी भी पैसे मांगते हैं। उनका कहना था कि कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों का कार्य अलग है, लेकिन सफाई करने वाले कर्मचारी भी पैसे लेते हैं, इसके बावजूद क्षेत्र की हालत में कोई सुधार नहीं दिखता।
🔴 कार्यदायी संस्था लॉयन भी सवालों के घेरे में
फैजुल्लागंज द्वितीय वार्ड की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था लॉयन (Lion) के पास है, लेकिन ग्राउंड पर हालात इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई देते हैं। न नियमित झाड़ू लग रही है, न समय पर कूड़ा उठ रहा है और न ही नालियों की प्रभावी सफाई हो रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब नगर निगम सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, तो कार्यदायी संस्था लॉयन की जवाबदेही आखिर तय कौन करेगा?
🔴 SFI पर भी उठ रहे हैं सवाल
फैजुल्लागंज द्वितीय सहित कई वार्डों की जिम्मेदारी सफाई एवं खाद्य निरीक्षक (SFI) पुष्कर सिंह पटेल के पास है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक ही अधिकारी के पास अत्यधिक वार्डों की जिम्मेदारी होगी तो नियमित निरीक्षण और प्रभावी निगरानी कैसे संभव होगी? लगातार सामने आ रही शिकायतें बताती हैं कि मौजूदा व्यवस्था पर गंभीरता से पुनर्विचार की आवश्यकता है।
🔴 जोनल अधिकारी बदले, लेकिन व्यवस्था नहीं
नगर निगम में अधिकारियों के तबादले हुए, जोनल अधिकारी बदले, लेकिन फैजुल्लागंज द्वितीय वार्ड की तस्वीर आज भी नहीं बदली। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल अधिकारियों के नाम बदलने से व्यवस्था नहीं बदलती, जब तक जमीन पर जवाबदेही तय न हो।
🔴 सबसे बड़ा सवाल
जब नगर आयुक्त गौरव कुमार और महापौर सुषमा खर्कवाल लखनऊ को देश का नंबर-1 स्वच्छ शहर बनाने का सपना देख रहे हैं, तब सूचना इंडिया की यह ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि जोन-3 के फैजुल्लागंज द्वितीय जैसे वार्डों में आज भी बुनियादी सफाई व्यवस्था दम तोड़ती नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कृष्ण लोक कॉलोनी में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, नालियों की सफाई कराई जाए, नियमित कूड़ा उठान सुनिश्चित किया जाए, फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव कराया जाए तथा पूरे मामले की जिम्मेदारी तय कर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 8 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।