नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोन-7 के पार्षदों संग की अहम बैठक, सीवर, सफाई व जलभराव जैसी समस्याओं पर हुई चर्चा

जोन-7 के पार्षदों के साथ नगर आयुक्त की महत्वपूर्ण बैठक, समस्याओं के समाधान को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
लखनऊ। नगर निगम मुख्यालय स्थित समिति कक्ष में गुरुवार को जोन-7 के माननीय पार्षदों के साथ नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों सहित जोन-7 से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में नगर आयुक्त के साथ अपर नगर आयुक्त श्री ललित कुमार, चीफ इंजीनियर (सिविल) श्री महेश वर्मा, चीफ इंजीनियर (आरआर) श्री मनोज प्रभात, जोन-7 के जोनल अधिकारी श्री आकाश कुमार, जोनल सेनेटरी अधिकारी श्री कुलदीपक सिंह एवं अभियंत्रण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक का उद्देश्य पार्षदों से वार्ड स्तर पर आ रही समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकालना था।
बैठक में शहीद भगत सिंह – प्रथम वार्ड से सुश्री योग्यता यादव के प्रतिनिधि श्री अरविंद यादव, लाल बहादुर शास्त्री – प्रथम वार्ड से पार्षद श्री सुरेन्द्र वाल्मीकि, शंकरपुरवा – द्वितीय वार्ड से पार्षद श्री शिवम उपाध्याय, इस्माइलगंज – द्वितीय वार्ड से पार्षद सुश्री रजना अवस्थी के प्रतिनिधि श्री हरीश अवस्थी, इस्माइलगंज – प्रथम वार्ड से पार्षद श्री मुकेश सिंह चौहान, मैथिलीशरण गुप्त वार्ड से पार्षद श्री अशोक कुमार उपाध्याय, लोहिया नगर वार्ड से श्री राकेश कुमार मिश्रा और लाल बहादुर शास्त्री – द्वितीय वार्ड से पार्षद श्री भूपेन्द्र कुमार शर्मा उपस्थित रहे।
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बैठक के दौरान माननीय पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं को नगर आयुक्त के समक्ष रखा। इनमें प्रमुख रूप से सीवर की सफाई, नालों से सिल्ट उठान, जलभराव की समस्या, मार्ग प्रकाश की खराब व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, और कूड़ा फैलाने वालों के विरुद्ध चालान व्यवस्था लागू करने की मांगें शामिल थीं। इसके अतिरिक्त पार्षदों ने नगर निगम के संसाधनों को बढ़ाकर सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। कुछ पार्षदों ने अपने क्षेत्रों में मॉडल वेंडिंग जोन और सार्वजनिक शौचालय बनाए जाने की मांग भी की।
नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार ने सभी पार्षदों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।




