वार्ड-73 के निर्वाचित पार्षद को पांच माह तक शपथ न दिलाने पर कार्रवाई
डीएम और नगर आयुक्त को सौंपी गई नगर निगम संचालन की जिम्मेदारी
पांच महीने तक नहीं दिलाई गई शपथ
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने वार्ड-73 फैजुल्लागंज से निर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी को करीब पांच महीने तक शपथ न दिलाए जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार फिलहाल फ्रीज करने का आदेश दिया है। साथ ही नगर निगम के नियमित कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को सौंप दी गई है।
🟥 चुनाव न्यायाधिकरण ने घोषित किया था निर्वाचित
मामला वार्ड-73 फैजुल्लागंज के पूर्व पार्षद प्रदीप कुमार शुक्ला का निर्वाचन निरस्त होने के बाद शुरू हुआ। चुनाव न्यायाधिकरण/सत्र न्यायालय ने 19 दिसंबर 2025 को ललित किशोर तिवारी को निर्वाचित पार्षद घोषित किया था। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन द्वारा उन्हें अब तक पद एवं गोपनीयता की शपथ नहीं दिलाई गई।
🟥 हाईकोर्ट ने जताई सख्त नाराजगी
इस मामले को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने नाराजगी जताई। सुनवाई के दौरान मेयर और जिलाधिकारी की ओर से व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मांगी गई, जिस पर अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए मेयर के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने का आदेश पारित कर दिया।
🟥 डीएम और नगर आयुक्त संभालेंगे जिम्मेदारी
खंडपीठ ने कहा कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को समय पर शपथ न दिलाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया और विधिक व्यवस्था की अवहेलना है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक मामले का समाधान नहीं हो जाता, तब तक नगर निगम से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय जिलाधिकारी तथा नगर आयुक्त की निगरानी में लिए जाएंगे।
🟥 प्रशासनिक हलकों में बढ़ी हलचल
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद नगर निगम प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।