Lucknow Flyover News: लखनऊ केसरीखेड़ा फ्लाईओवर अधूरा, हर दिन 5 लाख लोग परेशान

केसरीखेड़ा रेलवे क्रॉसिंग: अधूरे फ्लाईओवर ने रोकी लखनऊ की रफ्तार, पांच लाख लोग भुगत रहे सजा
लखनऊ (Lucknow News) — देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र लखनऊ में विकास की रफ्तार एक अधूरे सपने की तरह अटक गई है। केसरीखेड़ा रेलवे क्रॉसिंग ओवरब्रिज, जिसे राहत की राह बनना था, अब शहरवासियों विशेषकर पंडितखेड़ा और आस पास के 5 लाख से अधिक की आबादी के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सेतु निगम की लापरवाही और योजना के क्रियान्वयन में जल्दबाज़ी ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को अधर में छोड़ दिया है।
राजनाथ सिंह ने किया था शिलान्यास, अधूरा पड़ा है निर्माण कार्य
राजनाथ सिंह द्वारा इस बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर का शिलान्यास बड़े जोर-शोर से किया गया था। लेकिन बिना ज़मीन अधिग्रहण और मुआवजा तय किए फ्लाईओवर का काम शुरू कर देना अब भारी पड़ रहा है। आधा बन चुका पुल महीनों से अधूरा पड़ा है और निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है।
हर दिन पांच लाख लोग भुगत रहे हैं अधूरी योजना की सजा
इस अधूरे पुल से हर दिन लगभग 5 लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं।
- स्कूल जाने वाले बच्चे घंटों रेलवे फाटक पर फँसे रहते हैं।
- मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुँच पाते।
- ट्रेनों के गुजरते ही यहाँ की सड़कों से गुजरने वाले लोगों की रफ्तार थम जाती है।
इस रेलवे क्रॉसिंग पर हर दिन हजारों वाहन रुकते हैं और लोगों को रेल की पटरियों पर जान जोखिम में डालकर दौड़ लगानी पड़ती है। यह न सिर्फ एक सुरक्षा का सवाल है, बल्कि यह शहर के विकास पर भी बड़ा सवालिया निशान है।
यह पुल नहीं, विकास के नाम पर एक तमाचा है
लखनऊ की जनता अब “मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं” जैसे नारों पर सवाल उठाने लगी है। क्योंकि यह ब्रिज विकास का नहीं, व्यवस्था की असफलता का प्रतीक बन चुका है।
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इस ब्रिज के निर्माण से लाखों लोगों कि जिंदगियां आसान हो जाता, अगर इसे समय पर और पूरी योजना के साथ पूरा किया गया होता। लेकिन सेतु निगम की जल्दबाज़ी और अधिग्रहण की अनदेखी ने इस पुल को ‘परेशानी का पुल’ बना दिया है।
लापरवाही का जिम्मेदार कौन?
- क्या बिना अधिग्रहण और मुआवजा तय किए निर्माण कार्य शुरू करना समझदारी थी?
- राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र में हो रही यह लापरवाही क्या जवाबदेही का विषय नहीं है?
- सेतु निगम और जिला प्रशासन के बीच समन्वय की कमी क्यों नहीं सुधारी गई?
सरकार से जनता की मांग
लखनऊ के लाखों नागरिक अब मांग कर रहे हैं कि:
- अधूरी परियोजना को तत्काल प्रभाव से पूरा किया जाए।
- ज़मीन अधिग्रहण से जुड़े विवादों का त्वरित समाधान निकाला जाए।
- पुल निर्माण में देरी के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
केसरीखेड़ा फ्लाईओवर अब केवल एक निर्माणाधीन ढांचा नहीं, बल्कि लखनऊ की सड़कों पर रुकती ज़िंदगियों की कहानी बन गया है। जब तक यह ब्रिज पूरा नहीं होता, तब तक शहर की रफ्तार अधर में लटकी रहेगी। यह वक्त है कि सरकार इस मुद्दे को प्राथमिकता पर ले और अधूरी योजनाओं को समय रहते पूरा कर जनता का विश्वास लौटाए।



