बरेली: साइकिल चोरी गई तो थमने लगी छात्रा की पढ़ाई, डीएम ने नई साइकिल दिलाई

गरीब छात्रा की परेशानी सुन डीएम अविनाश सिंह ने तत्काल दिए निर्देश, प्रशासन ने उपलब्ध कराई साइकिल
उत्तर प्रदेश के बरेली में साइकिल चोरी होने से पढ़ाई के लिए रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर आईटीआई छात्रा ने जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्या बताई। छात्रा की परेशानी सुनकर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन ने छात्रा को नई साइकिल उपलब्ध करा दी। साइकिल मिलने के बाद छात्रा के चेहरे पर खुशी लौट आई।
मामला राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास का है। यहां रहकर आईटीआई की पढ़ाई कर रही छात्रा नीतू की साइकिल कुछ दिन पहले छात्रावास परिसर से चोरी हो गई थी। नीतू का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। उसके लिए साइकिल स्कूल, आईटीआई संस्थान और लाइब्रेरी तक आने-जाने का प्रमुख साधन थी।
साइकिल चोरी होने के बाद नीतू को रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर अपने शिक्षण संस्थान और लाइब्रेरी जाना पड़ रहा था। इससे आने-जाने में काफी समय लग रहा था और उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह तत्काल दूसरी साइकिल खरीदने की स्थिति में नहीं थी।
अपनी समस्या के समाधान के लिए छात्रा ने जिलाधिकारी अविनाश सिंह से उनके कार्यालय में मुलाकात की और प्रार्थना पत्र देकर मदद की गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने छात्रा की पूरी बात गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी। उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को छात्रा की मदद के निर्देश दिए।
डीएम के निर्देश के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नीतू को नई साइकिल उपलब्ध करा दी। साइकिल मिलने के बाद छात्रा ने राहत की सांस ली। उसने जिलाधिकारी और प्रशासन का आभार जताया।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी गरीब छात्र की शिक्षा में संसाधनों की कमी बाधा नहीं बननी चाहिए। प्रशासन का प्रयास है कि जरूरतमंद विद्यार्थियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
छात्रा को तत्काल सहायता मिलने की जानकारी के बाद उसके परिवार ने भी जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया।




