गणेशगंज में नलों से आ रहा गंदा पानी, जलकल विभाग बेपरवाह!

▪️ कई दिनों से दूषित जलापूर्ति से परेशान लोग, मुख्यमंत्री के शिकायत पोर्टल पर शिकायत के बावजूद समाधान नहीं
▪️ खानपान की दुकानों वाले इलाके में बढ़ा बीमारियों का खतरा, प्रभारी अधिशासी अभियंता उत्कर्ष राय की कार्यशैली पर सवाल
लखनऊ। राजधानी में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के जलकल विभाग के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जलकल विभाग के जोन-1 अंतर्गत गणेशगंज के बशीरतगंज क्षेत्र में लंबे समय से गंदे पानी की आपूर्ति होने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नलों से लगातार दूषित पानी आ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या का समाधान कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों के सामने पीने के साफ पानी का संकट खड़ा हो गया है।

🔴 मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत, फिर भी नहीं मिला समाधान
शिकायतकर्ता ने बताया कि क्षेत्र में काफी दिनों से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक राहत नहीं मिली है। उनका कहना है कि दूषित पानी के कारण स्थानीय लोगों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुख्यमंत्री पोर्टल तक शिकायत पहुंचने के बावजूद जलकल विभाग समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं कर पा रहा है?
🔴 खानपान की दुकानों पर भी मंडरा रहा संक्रमण का खतरा

गणेशगंज और बशीरतगंज क्षेत्र में खानपान की कई दुकानें संचालित होती हैं। ऐसे में दूषित जलापूर्ति का मामला केवल स्थानीय निवासियों तक सीमित नहीं है। यदि गंदे पानी का इस्तेमाल भोजन बनाने या बर्तन धोने में किया जा रहा है, तो ग्राहकों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। दूषित पानी से डायरिया, टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा रहता है।
🔴 अधिशासी अभियंता उत्कर्ष राय की निगरानी पर सवाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जलकल जोन-1 के प्रभारी अधिशासी अभियंता उत्कर्ष राय तक समस्या की जानकारी पहुंच चुकी है, इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठता है कि आखिर विभाग पानी की गुणवत्ता की जांच और दूषित जलापूर्ति के स्रोत का पता लगाने में देरी क्यों कर रहा है?

अब आवश्यकता है कि जलकल विभाग तत्काल प्रभावित क्षेत्र से पानी के नमूने लेकर जांच कराए, पाइपलाइन में लीकेज अथवा सीवर के पानी के मिश्रण की आशंका की पड़ताल करे और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए।
बड़ा सवाल यह है कि क्या जलकल विभाग किसी के बीमार पड़ने का इंतजार कर रहा है, या जिम्मेदार अधिकारी समय रहते समस्या का समाधान करेंगे?

