Welcome to Soochna India   Click to listen highlighted text! Welcome to Soochna India
ब्रेकिंग न्यूज़

24 घंटे पहले अवैध निर्माण का नोटिस, सुबह गरजा बुलडोजर

कचहरी चौराहे के पास आफरीन जायका रेस्टोरेंट वाले भवन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, इमरान कादरी ने समय न देने का लगाया आरोप

वाराणसी में कचहरी चौराहे के पास स्थित आफरीन जायका रेस्टोरेंट वाले भवन पर गुरुवार सुबह अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई शुरू की गई। बताया गया कि कार्रवाई से करीब 24 घंटे पहले भवन को अवैध निर्माण के रूप में चिह्नित करते हुए नोटिस चस्पा किया गया था। इसके बाद गुरुवार सुबह करीब 10 बजे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
कार्रवाई को लेकर भवन में संचालित रेस्टोरेंट से जुड़े इमरान कादरी उर्फ एलपी बाबा ने आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि उन्हें कार्रवाई से पहले पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट का पूरा सामान भवन के अंदर मौजूद था, जिसमें रेफ्रिजरेटर, फर्नीचर और अन्य सामान शामिल है। उनके मुताबिक भवन के अंदर करीब 80 लाख रुपये का सामान और फर्नीचर मौजूद है।


नगर निगम ने जर्जर तो वीडीए ने अवैध बताया
इमरान कादरी का कहना है कि कुछ समय पहले नगर निगम की ओर से भवन को जर्जर घोषित किया गया था। इसके बाद विकास प्राधिकरण (वीडीए) की ओर से निर्माण को अवैध बताया गया। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ भवन को जर्जर घोषित किया गया और दूसरी तरफ अवैध निर्माण के आधार पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने सामान को हटाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला, जिससे अंदर रखा सामान कार्रवाई की चपेट में आने की आशंका है।


बिना नक्शा पास कराए निर्माण का विभाग का दावा
वहीं, संबंधित विभागीय अधिकारियों के अनुसार भवन में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कराया गया था। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान निर्माण को नियमों के विपरीत पाए जाने के बाद नोटिस जारी किया गया और नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से जुड़े अधिकारियों की ओर से भी निर्माण की वैधता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। विभागीय पक्ष के मुताबिक उपलब्ध दस्तावेजों और मौके की स्थिति के आधार पर निर्माण के संबंध में कार्रवाई की जा रही है।


नोटिस की समय सीमा को लेकर उठे सवाल
मकान मालिक और रेस्टोरेंट संचालक की ओर से कार्रवाई से पहले दिए गए समय को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उनका कहना है कि नोटिस चस्पा किए जाने और बुलडोजर की कार्रवाई के बीच बहुत कम समय मिला। उनका आरोप है कि उन्हें अपना सामान हटाने और कानूनी प्रक्रिया अपनाने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि निर्माण को लेकर नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई गई है। फिलहाल मामले में नोटिस, भवन की स्थिति, निर्माण की स्वीकृति और ध्वस्तीकरण से संबंधित दस्तावेजों को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
मामले में कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का माहौल है। अब यह दस्तावेजों और संबंधित विभागों की कार्रवाई की प्रक्रिया से स्पष्ट होगा कि भवन की जर्जर स्थिति और अवैध निर्माण से जुड़े दोनों पहलुओं पर किस आधार पर कार्रवाई की गई।

Pravin Chaubey

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Click to listen highlighted text!