Welcome to Soochna India   Click to listen highlighted text! Welcome to Soochna India
Breaking News

लखीमपुर खीरी: बारिश में कच्ची दीवार बनी काल, पति-पत्नी और आठ साल के बेटे की दबकर मौत

रहमतपुर गांव में देर रात हुआ हादसा, मलबा हटाकर तीनों को निकाला गया लेकिन तब तक जा चुकी थी जान

लखीमपुर खीरी जिले की मितौली तहसील क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। नीमगांव थाना क्षेत्र के रहमतपुर गांव में कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के सहारे बने छप्पर के नीचे सो रहा एक परिवार मलबे में दब गया। हादसे में पति-पत्नी और उनके आठ वर्षीय बेटे की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसर गया और परिवार के लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।

रहमतपुर निवासी मोहन पुत्र साधू कश्यप (50) अपनी पत्नी कविता कश्यप (45) और आठ वर्षीय बेटे नानू कश्यप के साथ घर में छप्पर के नीचे सो रहे थे। रात में बारिश हो रही थी। इसी दौरान पास की कच्ची दीवार अचानक भरभराकर छप्पर समेत उनके ऊपर जा गिरी। रात का समय होने के कारण परिवार को संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। तीनों मलबे के नीचे दब गए।

आवाज सुनकर दौड़े ग्रामीण, शुरू किया बचाव कार्य

दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तत्काल मलबा हटाना शुरू किया। हादसे की जानकारी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सब्बन को दी गई। उन्होंने पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को घटना की सूचना दी।

जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय लेखपाल अनुज वर्मा और सिकंदराबाद चौकी की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मलबा काफी भारी होने के कारण तीनों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

कड़ी मेहनत के बाद मलबे के नीचे दबे मोहन, उनकी पत्नी कविता और बेटे नानू को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

जिस घर में रात को था सुकून, सुबह मची चीख-पुकार

हादसे की रात परिवार के सदस्य रोज की तरह छप्पर के नीचे सोए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में घर का एक हिस्सा उनके लिए मौत का कारण बन जाएगा। सुबह होते-होते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।

ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। हादसे के बाद गांव में हर कोई कच्चे मकान और कमजोर दीवारों की स्थिति को लेकर चिंतित नजर आया। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार कच्चे मकान में रह रहा था और बारिश के दौरान दीवार कमजोर होने के कारण यह हादसा हुआ।

राजस्व टीम ने लिया जायजा, सहायता की प्रक्रिया शुरू

घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया। राजस्व कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर हादसे की जानकारी जुटाई और पीड़ित परिवार की आर्थिक एवं आवासीय स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है।

बारिश के मौसम में कच्चे मकानों और पुरानी दीवारों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर और कमजोर मकानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में कमजोर और जर्जर मकानों का सर्वे कराया जाए। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास और आपदा की स्थिति में तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए।

Sanjay Srivastva
Sanjay Srivastva (Special Correspondent)

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Click to listen highlighted text!