2030 तक हेपेटाइटिस मुक्त भारत का लक्ष्य

विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर जागरूकता संगोष्ठी, समय पर जांच व टीकाकरण पर दिया गया जोर
उन्नाव। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर पं. उमाशंकर दीक्षित जिला चिकित्सालय (पुरुष) में जागरूकता संगोष्ठी एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.के. शुक्ल ने किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत को हेपेटाइटिस मुक्त बनाने का लक्ष्य है। हेपेटाइटिस-बी एवं सी लिवर सिरोसिस, लिवर फेल्योर और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के प्रमुख कारण हैं। समय पर टीकाकरण, सुरक्षित रक्त, सुरक्षित इंजेक्शन, स्वच्छता तथा नियमित जांच से इस बीमारी की प्रभावी रोकथाम संभव है। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में हेपेटाइटिस की जांच, परामर्श, वायरल लोड परीक्षण एवं आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। डॉ. शोभित अग्निहोत्री ने कहा कि हेपेटाइटिस-बी एवं सी का समय पर निदान और नियमित उपचार गंभीर जटिलताओं के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है। वहीं पैथोलॉजी विभाग के डॉ. असलाहुद्दीन ने हेपेटाइटिस के प्रकारों एवं संक्रमण के कारणों की जानकारी दी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित श्रीवास्तव ने नवजात शिशुओं को जन्म के 24 घंटे के भीतर हेपेटाइटिस-बी का टीका लगवाने की आवश्यकता पर बल देते हुए इसे संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय बताया।


