दीक्षारंभ में विद्यार्थियों को सिखाए सफलता और व्यक्तित्व विकास के गुर

एमजेपी रोहिलखंड विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग में तीसरे दिन विशेषज्ञों ने वैश्विक दृष्टिकोण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी पर दिया जोर
महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग में आयोजित ‘दीक्षारंभ 2026’ के तीसरे दिन विद्यार्थियों को सफलता के साथ व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष एवं डीन प्रो. त्रिलोचन शर्मा ने की। इस दौरान आमंत्रित विशेषज्ञों और अतिथियों को मोमेंटो भेंटकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जेएनयू के पूर्व डीन प्रो. अरविंद कुमार, दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के डीन प्रो. एचसी पुरोहित और अंतरराष्ट्रीय रिसोर्स पर्सन सुश्री चियाली चेन मौजूद रहीं।
निरंतर सीखने से हासिल होगी सार्थक सफलता
जेएनयू के पूर्व डीन प्रो. अरविंद कुमार ने विद्यार्थियों को विकास और सार्थक सफलता के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखने की प्रवृत्ति जरूरी है। विद्यार्थियों को बदलते समय के साथ खुद को विकसित करते हुए नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए।



एमजेपीआरयू के डीन एकेडमिक्स प्रो. एसके पांडे ने विद्यार्थियों को चुनौतियों को अवसरों में बदलने की क्षमता विकसित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनौती से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए।
भाषा सीखने से समझ में आती है दूसरी संस्कृति
अंतरराष्ट्रीय रिसोर्स पर्सन सुश्री चियाली चेन ने अंतरराष्ट्रीय भाषाओं और वैश्विक संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी दूसरी भाषा को सीखना केवल संवाद का माध्यम हासिल करना नहीं है, बल्कि इससे विभिन्न देशों की संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर भी मिलता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर बदलते अवसरों के अनुरूप अपनी भाषाई और सांस्कृतिक समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
व्यक्तित्व विकास के साथ जरूरी है मूल्य-प्रणाली
दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के डीन प्रो. एचसी पुरोहित ने व्यक्तित्व विकास, मूल्य-प्रणाली, समाज के प्रति जिम्मेदार व्यवहार और आध्यात्मिकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि करियर में सफलता के साथ एक जिम्मेदार और संवेदनशील व्यक्तित्व का निर्माण भी जरूरी है।
मानविकी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अनिता त्यागी ने विद्यार्थियों को जीवन में सम्मान और नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार हासिल करना नहीं, बल्कि बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनना भी है।
प्रबंधन में नैतिकता और मानवीय मूल्यों की भूमिका अहम
डॉ. मंजुला सिंह ने विद्यार्थियों को प्रबंधन के मूल्यों और उनके व्यावहारिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रबंधन केवल तकनीकी दक्षता तक सीमित नहीं है। इसमें मानवीय मूल्य, नैतिकता, जिम्मेदारी और सही निर्णय लेने की क्षमता की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रबंधन के सिद्धांतों को व्यावहारिक जीवन से जोड़कर देखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन सुश्री नेहा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. तुलिका सक्सेना और डॉ. सौरभ वर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘दीक्षारंभ 2026’ के तीसरे दिन विशेषज्ञों के प्रेरणादायी विचारों से विद्यार्थियों को सार्थक सफलता, व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ अपने भविष्य को आकार देने की प्रेरणा मिली।




