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नशे से बच्चों को बचाएं, साइबर ठगी से रहें सतर्क: महिलाओं को दी योजनाओं की जानकारी

जनपद बदायूं के बजीरगंज और सलारपुर में कार्यशाला आयोजित, बाल विवाह पर कार्रवाई की चेतावनी; 1930, 1090, 181 और 1098 समेत हेल्पलाइन नंबर बताए

महिला एवं बाल सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर सोमवार को विकासखंड बजीरगंज और सलारपुर में महिला कल्याण विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं और बालिकाओं को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के साथ साइबर सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभाव, बाल विवाह और बाल संरक्षण कानूनों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने महिलाओं और बच्चों से जुड़ी समस्याओं में संबंधित हेल्पलाइन का इस्तेमाल करने की अपील की।

कार्यशाला में जिला मिशन समन्वयक छवि वैश्य ने ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नशे से दूर रखने और उनके व्यवहार पर नजर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे की लत बच्चों और युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।

साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी भी दी गई। छवि वैश्य ने साइबर सुरक्षा के संबंध में जानकारी देते हुए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में बताया। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं से किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल शिकायत करने की अपील की।

वन स्टॉप सेंटर की जेएस छवि प्रीती चौहान ने भी महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के तहत साइबर सुरक्षा तथा वन स्टॉप सेंटर की सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर 112, 1090, 181, 102, 108 और 1098 की जानकारी दी।

कन्या सुमंगला समेत इन योजनाओं की दी जानकारी

कार्यशाला में महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित योजनाओं के बारे में भी महिलाओं को जानकारी दी गई। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पति की मृत्यु के बाद पुनर्विवाह दंपती पुरस्कार योजना, दहेज प्रथा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता, दहेज के कारण परित्यक्त महिलाओं को आर्थिक सहायता और पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला की पुत्री की शादी के लिए अनुदान जैसी योजनाएं शामिल हैं।

अधिकारियों ने महिलाओं से पात्रता के अनुसार इन योजनाओं का लाभ उठाने और जरूरतमंद परिवारों तक इसकी जानकारी पहुंचाने की अपील की।

बाल विवाह पर होगी कानूनी कार्रवाई

कार्यशाला में बाल विवाह को गंभीर सामाजिक कुरीति बताते हुए इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। महिलाओं और बालिकाओं को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षिक और कानूनी नुकसान के बारे में बताया गया।

अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार बाल विवाह कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए अभिभावकों और ग्रामीणों से बाल विवाह रोकने और इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की गई।

पॉश एक्ट और बाल संरक्षण की दी जानकारी

सामाजिक कार्यकर्ता भमरपाल सिंह ने कार्यशाला में महिलाओं और बालिकाओं को पॉश एक्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने वार्ड बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की भूमिका के बारे में भी बताया।

उन्होंने कन्या सुमंगला योजना, बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना समेत अन्य योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए।

बाल श्रम और भिक्षावृत्ति रोकने के लिए अभियान

संरक्षण अधिकारी रवि कुमार ने मिशन वात्सल्य योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत देखरेख और संरक्षण की जरूरत वाले तथा विधि के विरुद्ध कार्यों में लिप्त बच्चों के संरक्षण, कल्याण और पुनर्वास के लिए व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि मिशन वात्सल्य के तहत ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। मंदिर, मस्जिद, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, ढाबों, दुकानों और कारखानों आदि स्थानों पर बाल श्रम या भिक्षावृत्ति में लगे 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को रेस्क्यू कर उनके पुनर्वास के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे को किसी तरह की समस्या है तो वह चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क कर सकता है।

महिलाओं और बच्चों ने उत्सुकता से समझीं योजनाएं

कार्यशाला में मौजूद महिलाओं और बच्चों ने सरकारी योजनाओं, कानूनों और हेल्पलाइन नंबरों के बारे में उत्सुकता से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि महिला कल्याण विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारी जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट के जिला प्रोबेशन कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी इंद्रपाल सिंह, शिव कुमार एडीओपी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक, सहायक पंचायत अधिकारी, संरक्षण अधिकारी रवि कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता भमरपाल सिंह, जेएसएचईडब्ल्यू प्रीती चौहान, परामर्शदाता चाइल्ड हेल्पलाइन और प्रभारी बाल परियोजना अधिकारी संगीता समेत संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

Sanjay Srivastva (Special Correspondent)

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