स्कूल के बाहर ‘तालाब’, जिम्मेदारों के दफ्तर में ‘सन्नाटा’!
लखनऊ। शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के दावों के बीच नगर निगम के जोन-2 स्थित राजेंद्र नगर के नवयुग रेडियंस स्कूल के बाहर की तस्वीरें इन दावों की हकीकत खुद बयां कर रही हैं। यहां चोक नालियों के कारण सड़क पर लगातार गंदा पानी जमा है। बदबू, मच्छरों का प्रकोप और कीचड़ के बीच रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों को गुजरना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
🔴 स्कूल के बाहर पढ़ाई से पहले ‘पानी की परीक्षा’
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और छुट्टी के समय बच्चों को सड़क पार कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। कई बार छोटे बच्चे फिसलते-फिसलते बचे हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल के बाहर का यह हाल बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है।
🔴 चोक नालियां, गंदा पानी और बीमारी का डर
क्षेत्रवासियों के अनुसार नालियां लंबे समय से चोक हैं। गंदा पानी लगातार जमा रहने से मच्छरों की संख्या बढ़ गई है। डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि एंटी लारवा दवा का छिड़काव भी नहीं कराया जा रहा, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
🔴 ‘सफाई कर्मचारी आखिर आते कहां हैं?’
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में सफाई कर्मियों की मौजूदगी शायद केवल कागजों तक सीमित है। नियमित सफाई न होने से गंदगी बढ़ती जा रही है। लोगों का सवाल है कि यदि सफाई व्यवस्था नियमित होती तो नालियां इस तरह जाम ही क्यों होतीं?
🔴 पार्षद और स्कूल प्रशासन पर भी सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित जनप्रतिनिधियों और स्कूल प्रशासन तक पहुंचाई गई, लेकिन किसी स्तर पर प्रभावी पहल नहीं दिखाई दी। लोगों का कहना है कि जब स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने ही ऐसी स्थिति हो तो जिम्मेदार संस्थाओं की संवेदनशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
🔴 शिकायतें बहुत… समाधान शून्य
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद हालात जस के तस हैं। उनका कहना है कि अधिकारी आते हैं, देखते हैं और फिर मामला फाइलों में दब जाता है, जबकि सड़क पर गंदा पानी पहले की तरह जमा रहता है।
🔴 सूचना इंडिया ने प्रमुखता से उठाया मुद्दा, फिर भी नहीं जागा सिस्टम
इस गंभीर समस्या को सूचना इंडिया ने प्रमुखता से उठाकर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाया। नगर आयुक्त को भी तस्वीरों सहित जानकारी भेजी गई, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी तक धरातल पर कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया। लोगों का सवाल है कि यदि मीडिया में आने के बाद भी कार्रवाई नहीं होगी, तो आम नागरिक आखिर अपनी समस्या किसके सामने रखें?
🔴 जिम्मेदारों पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं को लेकर लोगों में नगर निगम के अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि जोन-2 में समस्याएं लगातार बनी हुई हैं, लेकिन समाधान की गति दिखाई नहीं देती। जनता का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी यदि समय पर निरीक्षण और निगरानी करें तो ऐसी स्थिति पैदा ही न हो।
🔴 सिस्टम की चुप्पी पर उठते सवाल
जब स्कूल के बाहर जमा पानी में बच्चे रास्ता तलाश रहे हों, अभिभावक रोज चिंता लेकर घर लौट रहे हों और मच्छरों का आतंक बढ़ता जा रहा हो, तब सवाल केवल जलभराव का नहीं, बल्कि व्यवस्था की जवाबदेही का भी है।
मीडिया अपना दायित्व निभाकर समस्या को सामने ला सकता है, लेकिन समाधान करना नगर निगम, संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। अब देखना यह होगा कि तस्वीरें बोलने के बाद भी सिस्टम खामोश रहता है या आखिरकार इस जलभराव से लोगों को राहत मिलती है।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 8 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।