प्रभारी मंत्री और महापौर ने जोन-4 के चार वार्डों का किया निरीक्षण, शहरवासियों ने पूछा- सिर्फ दौरे से बदलेगी तस्वीर?
लखनऊ। “लखनऊ को इंदौर बनाना है”— यह नारा वर्षों से सुनाई देता आ रहा है। गुरुवार को एक बार फिर प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना और महापौर सुषमा खर्कवाल जोन-4 के विभिन्न वार्डों में पहुंचे, निरीक्षण किया, अधिकारियों को निर्देश दिए और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या निरीक्षणों और बैठकों से ही लखनऊ इंदौर बन जाएगा, या फिर जमीनी स्तर पर भी कुछ बदलता दिखाई देगा?
शहर के कई इलाकों में आज भी कूड़ा उठान व्यवस्था सवालों के घेरे में है। सड़क किनारे पड़े कूड़े के ढेर, खाली प्लॉटों में डंप होता कचरा, नालों से निकाली गई सिल्ट और बदहाल सफाई व्यवस्था लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई है। इसके बावजूद निरीक्षण अक्सर उन्हीं स्थानों तक सीमित दिखाई देते हैं जहां अधिकारियों द्वारा पहले से तैयारी कर ली जाती है।
🔴 खरगापुर सरसवां में नाले का निरीक्षण
प्रभारी मंत्री और महापौर ने सेक्टर-5 गोमती नगर एक्सटेंशन, गीतापुरी चौराहा और खरगापुर क्षेत्र का निरीक्षण किया। संकट मोचन द्वार के पास निर्माणाधीन नाले के कार्य की समीक्षा करते हुए 19 जून तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
लेकिन शहरवासियों का कहना है कि नालों के निर्माण और सफाई के निर्देश वर्षों से दिए जा रहे हैं, फिर भी बरसात आते ही जलभराव और गंदगी की समस्या जस की तस बनी रहती है।
🔴 भरवारा-मल्हौर में खाली प्लॉटों पर फोकस
एसटीपी एमिटी रोड स्थित खाली प्लॉट का निरीक्षण कर सफाई और बाउंड्री वॉल निर्माण के निर्देश दिए गए। प्लॉट मालिकों को नोटिस जारी करने की बात कही गई।
सवाल यह है कि जब शहर के अनेक खाली प्लॉट महीनों से कूड़ा घर बने हुए हैं, तब कार्रवाई केवल निरीक्षण वाले दिन ही क्यों याद आती है?
🔴 चिनहट बाजार में अतिक्रमण और पार्किंग का मुद्दा
चिनहट चौराहे के बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए।
हालांकि स्थानीय लोग बताते हैं कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान कुछ दिनों तक चलता है, फिर स्थिति पहले जैसी हो जाती है। यही वजह है कि यातायात व्यवस्था और पार्किंग की समस्या लगातार बनी हुई है।
🔴 राजीव गांधी प्रथम वार्ड में मिली स्वच्छता
मिठाई वाला चौराहा स्थित पीसीटीएस का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना की गई। अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित भी किया गया।
लेकिन शहर के दूसरे हिस्सों में फैली गंदगी को लेकर नागरिक पूछ रहे हैं कि क्या कभी उन स्थानों का भी निरीक्षण होगा जहां रोजाना लोग बदबू, कूड़े और अव्यवस्था से जूझ रहे हैं?
🔴 कार्रवाई आखिर किस पर?
नगर निगम के गलियारों में अक्सर यह चर्चा सुनाई देती है कि कार्रवाई का दायरा छोटे कर्मचारियों, सफाई कर्मियों और सुपरवाइजरों तक ही सीमित रहता है। बड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय होने के मामले बेहद कम दिखाई देते हैं।
यही कारण है कि निरीक्षण के बाद भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। शहर में कूड़ा उठान व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया अक्सर फाइलों तक सीमित रह जाती है।
🔴 असली सवाल अभी बाकी है
प्रभारी मंत्री ने निरीक्षण के दौरान कहा कि नागरिकों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। यह बात शहर का हर नागरिक सुनना भी चाहता है और देखना भी।
लेकिन जब तक शहर के उन इलाकों तक निरीक्षण नहीं पहुंचेगा जहां वास्तव में गंदगी, कूड़ा और अव्यवस्था है, तब तक “लखनऊ को इंदौर बनाना है” का नारा सिर्फ एक लक्ष्य भर नजर आएगा।
शहरवासी अब यह जानना चाहते हैं कि आखिर वह दिन कब आएगा जब लखनऊ में निरीक्षण की नहीं, बल्कि वास्तव में बेहतर सफाई व्यवस्था की चर्चा होगी।यह कॉपी अखबार में छपने योग्य है, सीधे आरोप लगाने के बजाय सवाल उठाती है और “लखनऊ को इंदौर बनाना है” वाले नारे को केंद्र में रखकर पूरी खबर को धार देती है।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।