सूचना इंडिया की लगातार ग्राउंड रिपोर्ट के बीच जोन-3 की सफाई व्यवस्था फिर सवालों में, अस्पताल के बाहर अब भी गंदगी बरकरार
🔴 ग्राउंड रिपोर्ट के बाद नया विवाद
सूचना इंडिया द्वारा विवेकानंदपुरी वार्ड की बदहाल सफाई व्यवस्था को लगातार उजागर किए जाने के बाद नगर निगम जोन-3 में अब नया विवाद सामने आया है। क्षेत्र के मुख्य मार्ग, जिसमें विवेकानंद अस्पताल के सामने का हिस्सा भी शामिल है, की सफाई का कार्य लखनऊ स्वच्छता अभियान प्रा. लि. (LSA) के जिम्मे है। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि रिपोर्ट प्रसारित होने के बाद इस मार्ग पर तैनात सफाई निरीक्षक (SFI) की जिम्मेदारी बदल दी गई।
🔴 SFI बदलने के फैसले पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का दावा है कि पहले इस क्षेत्र की निगरानी कर रहे सफाई निरीक्षक पुष्कर सिंह पटेल की जगह रातों-रात सफाई निरीक्षक सुमित मिश्रा को जिम्मेदारी दे दी गई। इस फैसले को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हैं और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जिम्मेदारी बदलने की जरूरत क्यों पड़ी।
🔴 पूर्व पार्षद ने लगाए पक्षपात के आरोप
विवेकानंदपुरी वार्ड के पूर्व पार्षद शैलेंद्र सिंह ‘बल्लू’ ने आरोप लगाया कि वास्तविक जवाबदेही तय करने के बजाय केवल जिम्मेदारी दूसरे अधिकारी पर डाल दी गई। उनका कहना है कि मुख्य मार्ग की सफाई लंबे समय से प्रभावित है, लेकिन व्यवस्था में सुधार करने के बजाय जिम्मेदारी बदलना समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।
🔴 ‘मेरा घर इसी सड़क पर है, इसलिए सफाई नहीं होती’
पूर्व पार्षद शैलेंद्र सिंह का यह भी आरोप है कि उनका आवास इसी मुख्य सड़क पर स्थित है और इसी कारण इस मार्ग की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में सफाईकर्मी होने के बावजूद सड़क पर कूड़ा, झाड़ियां, जाम नालियां और बदबू की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोग और अस्पताल आने वाले मरीज परेशान हैं।
🔴 अस्पताल प्रशासन ने भी जताई चिंता
विवेकानंद अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेटर विशाल सिंह ने बताया कि अस्पताल के बाहर सफाई और अतिक्रमण दोनों गंभीर समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया गया, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उनके अनुसार अस्पताल के सामने पिंक टॉयलेट में पान, गुटखा, तंबाकू और सिगरेट की बिक्री तथा सार्वजनिक स्थानों पर थूकने जैसी गतिविधियां अस्पताल की गरिमा के अनुकूल नहीं हैं। नगर निगम को इस दिशा में भी कार्रवाई करनी चाहिए।
🔴 मरीज और तीमारदार सबसे अधिक प्रभावित
अस्पताल के बाहर फैली गंदगी का सबसे अधिक असर मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग इसी मार्ग से अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन बदबू, कूड़े के ढेर और अव्यवस्था के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
🔴 जोनल अधिकारी मनोज यादव ने नहीं की कोई ठोस कार्रवाई
पूरे मामले पर सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के राज्य संवाददाता मनीष मिश्रा ने जोन-3 के जोनल अधिकारी मनोज यादव से बातचीत की लेकिन कोई ठोस कार्रवाई जोनल की तरफ से नहीं हुई।
🔴 अपर आयुक्त ने जांच का दिया आश्वासन
अपर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने सूचना इंडिया से बातचीत में पूरी रिपोर्ट दोबारा भेजने को कहा और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं।
🔴 नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर सवाल
लगातार मीडिया रिपोर्टों और स्थानीय शिकायतों के बावजूद यदि हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है, तो लोग नगर निगम की निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि केवल जिम्मेदारी बदलने या सीमित कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा।
🔴 LSA और कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
मुख्य मार्ग की सफाई का दायित्व संभाल रही लखनऊ स्वच्छता अभियान प्रा. लि. (LSA) की कार्यप्रणाली पर भी स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में नियमित और प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
🔴 अब लोगों को कार्रवाई का इंतजार
लगातार दो ग्राउंड रिपोर्टों, स्थानीय शिकायतों और पूर्व पार्षद के आरोपों के बाद अब लोगों की निगाहें नगर निगम प्रशासन पर हैं। नागरिकों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए, संबंधित पक्षों का पक्ष भी सार्वजनिक किया जाए और विवेकानंद अस्पताल के आसपास की सफाई व्यवस्था में स्थायी सुधार सुनिश्चित किया जाए।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 8 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।