AI के विकास के साथ सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती, विशेषज्ञों ने गिनाईं नई तकनीक की संभावनाएं

एसआरएमएस सीईटी में अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस, 10 तकनीकी सत्रों में 90 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत

उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली के भोजीपुरा स्थित श्री राम मूर्ति स्मारक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एसआरएमएस सीईटी) में एडवांस कंप्यूटिंग और इंटेलिजेंट सिस्टम में प्रगति पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस ICACIS-2026 का आयोजन किया गया। 18 और 19 सितंबर को आयोजित कांफ्रेंस में कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटेलिजेंट सिस्टम के क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों और शोध पर मंथन हुआ। 10 तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं एवं प्रतिभागियों ने 90 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए।

कांफ्रेंस का आयोजन बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (BIET), झांसी के सहयोग से किया गया। उद्घाटन संस्थान के चेयरमैन देव मूर्ति, ट्रस्ट सचिव आदित्य मूर्ति, BIET झांसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) जितेंद्र कुमार शर्मा, मुख्य वक्ता मलेशिया के सेलांगोर दारुल एहसान स्थित यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी मारा की डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) जसनी मोहम्मद जैन और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया।
एआई के लिए डेटा और इंटेलिजेंस जरूरी, सुरक्षा पर देना होगा जोर
मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) जसनी मोहम्मद जैन ने मानवता की सेवा के लिए तकनीक के इस्तेमाल और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई मॉडल के लिए डेटा और इंटेलिजेंस महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा सुरक्षा का है। सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर काम करके ही एआई को ऑटोनॉमस ड्राइव जैसे क्षेत्रों में सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है।
BIET झांसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) जितेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि अपने 36 वर्ष के करियर में उन्होंने तकनीक में आमूलचूल बदलाव देखे हैं। कंप्यूटर के शुरुआती दौर से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक तकनीक लगातार विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास रुकने वाला नहीं है और युवा पीढ़ी इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। हालांकि, तकनीकी बदलाव का उद्देश्य समाज के हित और विकास से जुड़ा होना चाहिए।
कांफ्रेंस के प्रथम दिन माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च के प्रोफेसर (डॉ.) धीरज और बेनेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अरुण यादव ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया और कंप्यूटिंग एवं एआई की उपयोगिता पर विचार साझा किए।
इससे पहले कांफ्रेंस डायरेक्टर एवं प्राचार्य प्रो. (डॉ.) प्रभाकर गुप्ता ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। कांफ्रेंस कन्वीनर डॉ. ज्योति अग्रवाल ने आयोजन के उद्देश्य और ‘इंटेलिजेंट और सुरक्षित कंप्यूटिंग में हाल के ट्रेंड्स’ थीम की जानकारी दी। झांसी के प्रोफेसर एवं कांफ्रेंस कन्वीनर प्रो. (डॉ.) नरेंद्र सिंह बेनीवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ. सृष्टि चौधरी ने किया।
दूसरे दिन डॉ. प्रदीप अत्रेय, डॉ. सोमेश कुमार, प्रोफेसर एहतिराम रजा खान और सतगुर प्यारी पद्नाभन ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस दौरान एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एमएस बुटोला, वाइस प्रिंसिपल ऋतु सिंह, डीन डॉ. शैलेंद्र सक्सेना, डायरेक्टर प्लेसमेंट डॉ. अनुज कुमार, डायरेक्टर फार्मेसी डॉ. अमित कुमार शर्मा, नर्सिंग प्रिंसिपल डॉ. पारसराम, सभी विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे।




