UPI पर नई व्यापारी लागत का विरोध, पूर्व सांसद व पूर्व मेयर ने पीएम-सीएम को भेजा पत्र

बोले- छोटे दुकानदारों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ, एमडीआर व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग
यूपीआई के जरिए होने वाले व्यापारी लेन-देन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) व्यवस्था को लेकर विरोध शुरू हो गया है। पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन और पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने कहा कि आम नागरिकों के साथ छोटे और मध्यम व्यापारी पहले से ही महंगाई, विभिन्न करों और शुल्कों का दबाव झेल रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर नई लागत लगाए जाने से छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों की तुलना में छोटे दुकानदारों के लिए अतिरिक्त शुल्क वहन करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन ने कहा कि सरकार लगातार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रही है। यूपीआई ने छोटे दुकानदारों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाया है। ऐसे में यूपीआई लेन-देन से जुड़ी अतिरिक्त लागत का असर व्यापारियों पर नहीं पड़ना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध यूपीआई या डिजिटल भुगतान व्यवस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि एमडीआर लागू होने से व्यापारियों पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक प्रभाव को लेकर है।
दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार से एमडीआर व्यवस्था की दोबारा समीक्षा करने और छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रदेश के व्यापारियों की चिंता को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने का आग्रह किया गया है।




