रामस्वरूप यूनिवर्सिटी मान्यता विवाद: हाईकोर्ट ने BCI से मांगा जवाब | Bar Council of India Recognition 2025

रामस्वरूप यूनिवर्सिटी मान्यता विवाद: हाईकोर्ट ने BCI से मांगा जवाब
लखनऊ, 11 सितंबर | मनीष मिश्रा/सूचना इंडिया
बाराबंकी स्थित श्री रामस्वरूप यूनिवर्सिटी को हाल ही में मिली Bar Council of India (BCI) Recognition पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ में हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय को 3 सितंबर 2025 को “रातों-रात मान्यता” प्रदान कर दी गई।
याचिकाकर्ता ने उठाए गंभीर सवाल
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अनिमेष उपाध्याय और सिद्धार्थ शंकर दुबे ने न्यायालय में दलील दी कि सामान्यतः किसी विश्वविद्यालय को BCI Approval मिलने में विस्तृत जांच और लंबी प्रक्रिया शामिल होती है। लेकिन इस मामले में “इतनी जल्दी मान्यता मिल जाना” प्रक्रियागत नियमों के खिलाफ प्रतीत होता है और संदेह को जन्म देता है।
हाईकोर्ट ने मांगे दस्तावेज़ और रिपोर्ट
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि श्री रामस्वरूप यूनिवर्सिटी बार काउंसिल से प्राप्त recognition letter से संबंधित सभी दस्तावेज़ प्रस्तुत करे। साथ ही, Bar Council of India को भी नोटिस जारी किया गया कि वह इस मान्यता प्रक्रिया पर विस्तृत जवाब दाखिल करे।
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विधि शिक्षा से जुड़ा मामला, पारदर्शिता जरूरी – न्यायालय
न्यायालय ने कहा कि यह विवाद सीधे तौर पर legal education और छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है।
यह विवाद अब केवल एक विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि पूरे legal education system in India पर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाली सुनवाई में यह देखना अहम होगा कि BCI (Bar Council of India) इस पर क्या जवाब देता है।




