10 करोड़ से अधिक की लाइब्रेरी पर उठे सवाल, पार्षद निशा तिवारी ने मांगी ठेकेदार के पुराने कामों की तकनीकी जांच

जानकीपुरम प्रथम वार्ड में प्रस्तावित बड़ी परियोजना से पहले ‘माँ एसोसिएट’ के पिछले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल; पार्षद का नगर आयुक्त को पत्र
लखनऊ। नगर निगम के जानकीपुरम प्रथम वार्ड-31 में 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रस्तावित लाइब्रेरी निर्माण का मामला कार्य शुरू होने से पहले ही जांच की मांग के घेरे में आ गया है। क्षेत्रीय पार्षद निशा तिवारी ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर प्रस्तावित निर्माण से जुड़ी फर्म माँ एसोसिएट और ठेकेदार रमेश्वर सिंह के पूर्व में कराए गए कार्यों की तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच कराने की मांग की है।

पार्षद का कहना है कि इतनी बड़ी लागत की परियोजना विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ भविष्य में बड़ी सार्वजनिक संपत्ति होगी। ऐसे में निर्माण शुरू होने से पहले संबंधित फर्म के पुराने कार्यों की गुणवत्ता की जांच जरूरी है।

🔴 तीन पार्क और सड़क के पुराने कामों पर सवाल
नगर आयुक्त को दिए पत्र में पार्षद निशा तिवारी ने कहा है कि संबंधित ठेकेदार द्वारा पिछले वर्ष जानकीपुरम प्रथम वार्ड में तीन पार्कों तथा एक सड़क का निर्माण एवं विकास कार्य कराया गया था।

पार्षद ने आरोप लगाया है कि इन कार्यों में से कुछ की स्थिति एक वर्ष के भीतर ही खराब दिखाई देने लगी है। पत्र में पार्कों का प्लास्टर उखड़ने, पेंट की गुणवत्ता खराब होने तथा अन्य निर्माण संबंधी कमियां सामने आने का उल्लेख किया गया है।

🔴 “छोटे काम एक साल में खराब तो बड़ी परियोजना की गुणवत्ता कैसे सुनिश्चित होगी?”
पार्षद ने अपने पत्र में सवाल उठाया है कि यदि अपेक्षाकृत छोटे निर्माण कार्यों में ही एक वर्ष के भीतर कमियां सामने आ रही हैं, तो 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली लाइब्रेरी जैसी बड़ी परियोजना की गुणवत्ता को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।
इसी आधार पर उन्होंने नगर निगम प्रशासन से संबंधित फर्म द्वारा पूर्व में कराए गए तीनों पार्कों और सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

🔴 सामग्री की गुणवत्ता भी जांचने की मांग
पार्षद ने मांग की है कि जांच केवल निर्माण की मौजूदा स्थिति तक सीमित न रहे, बल्कि पुराने कार्यों में इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री और कार्य की तकनीकी गुणवत्ता का भी परीक्षण कराया जाए।
उनका कहना है कि जांच में यदि किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो संबंधित फर्म अथवा ठेकेदार की जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

🔴 पार्षद बोलीं,विरोध किसी व्यक्ति का नहीं, जनता के धन की सुरक्षा का सवाल
पार्षद निशा तिवारी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका आग्रह किसी व्यक्ति या फर्म के विरोध में नहीं है। उनका उद्देश्य जनता के पैसे से होने वाले निर्माण कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है।
उन्होंने नगर आयुक्त से पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और उसके बाद आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

🔴 अब नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
पार्षद का पत्र 15 सितंबर 2026 का है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 10 करोड़ रुपये से अधिक की इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले नगर निगम ठेकेदार रमेश्वर सिंह और माँ एसोसिएट के पुराने निर्माण कार्यों की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराता है या नहीं।

क्योंकि मामला केवल तीन पार्क और एक सड़क का नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के सार्वजनिक धन और आने वाली पीढ़ियों के लिए बनने वाली लाइब्रेरी की गुणवत्ता से जुड़ा है।


