पान के पैसे को लेकर विवाद, दुकानदार और उसके बेटे से मारपीट का आरोप; विभूतिखंड थाने पहुंचे भाजपा पार्षद

कठौता चौराहे पर विवाद के बाद पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल, भाजपा पार्षद शैलेंद्र वर्मा का आरोप—पीड़ित पक्ष को हिरासत में लिया, दूसरे पक्ष के लोगों को छोड़ दिया; गाड़ी भी मौके से हटवाई
विवाद में शामिल गाड़ी पर लगा था वर्ष 2021 में समाप्त हो चुका विधानसभा का कार प्रवेश स्टीकर, प्रभारी निरीक्षक बोले—दोनों पक्षों पर कार्रवाई की गई, जांच जारी
लखनऊ। विभूतिखंड थाना क्षेत्र के विजेंद्र खंड स्थित कठौता चौराहे पर पान-सिगरेट के पैसे को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। यहां पान की दुकान चलाने वाले मैकू लाल और उनके बेटे सुमित के साथ कुछ युवकों का विवाद हो गया। आरोप है कि कार से आए दो-तीन युवकों ने दुकान पर पान या सिगरेट लेने के बाद पैसे को लेकर कहासुनी की। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में मारपीट हो गई।

मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब भाजपा पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने पीड़ित पक्ष को ही हिरासत में ले लिया, जबकि दूसरे पक्ष के लोगों को छोड़ दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा के कई पार्षद विभूतिखंड थाने पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने लगे।
🔴 कार पर लगा था विधानसभा का पुराना कार प्रवेश स्टीकर
बताया जा रहा है कि विवाद में शामिल युवकों की कार पर विधानसभा का कार प्रवेश स्टीकर लगा था, जिसकी वैधता वर्ष 2021 में ही समाप्त हो चुकी थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एक्सपायर हो चुके विधानसभा प्रवेश स्टीकर का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था। हालांकि स्टीकर और वाहन से संबंधित तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।



🔴 पार्षद का आरोप—पीड़ित अंदर, दूसरे पक्ष को छोड़ दिया
भाजपा पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि मारपीट के मामले में पीड़ित सुमित और उसके पिता मैकू लाल के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि विवाद में शामिल दूसरे पक्ष के लोगों को गिरफ्तार नहीं किया गया। पार्षद का यह भी आरोप है कि दूसरे पक्ष की गाड़ी को मौके से हटा दिया गया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं।
🔴 प्रभारी निरीक्षक बोले—दोनों पक्षों पर हुई कार्रवाई
वहीं, विभूतिखंड थाने के प्रभारी निरीक्षक ने पार्षद के आरोपों से अलग जानकारी दी है। उनके मुताबिक, विवाद में दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और मामले की जांच जारी है। हालांकि पार्षद का दावा है कि पुलिस की कार्रवाई एकतरफा रही है।
🔴 भाजपा पार्षदों के थाने पहुंचने से गरमाया मामला
घटना के बाद भाजपा के कई पार्षद विभूतिखंड थाने पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई को लेकर विरोध जताया। पार्षदों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस ने वास्तव में किन-किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की और विधानसभा का पुराना प्रवेश स्टीकर लगी कार के संबंध में क्या जांच की गई? पार्षदों के आरोपों और प्रभारी निरीक्षक के बयान में अंतर होने से पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।



