केंद्रीय कारशाला विभाग में ‘फाइल कटौती’ पर सवाल, जेई शोएब अख्तर की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर आरोप
Mishra Manish2 hours agoLast Updated: August 22, 2026
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ठेकेदार का आरोप—₹19 हजार की फाइल घटाकर ₹12 हजार की; भुगतान से पहले ‘लेन-देन’ का दबाव होने का दावा, नगर आयुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग
लखनऊ। नगर निगम लखनऊ के आरआर विभाग में जूनियर इंजीनियर शोएब अख्तर की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एक ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि यूपी कंस्ट्रक्शन और से संबंधित लगभग ₹19 हजार की फाइल को घटाकर करीब ₹12 हजार कर दिया गया। एक और कंपनी काव्या का भी आरोप है कि कथित रूप से पहले से “व्यवस्था” न होने पर छोटी रकम की फाइलों में भी कटौती कर दी जाती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और संबंधित जेई का पक्ष भी सामने आना जरूरी है।
🔴 मूल विभाग विद्युत, फिर मैकेनिकल का काम क्यों?
विभागीय व्यवस्था पर एक और सवाल यह उठ रहा है कि शोएब अख्तर का मूल कार्यक्षेत्र विद्युत से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि उनसे मैकेनिकल कार्य भी कराया जा रहा है। ऐसे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि उन्हें मैकेनिकल कार्य देखने का अधिकार किस आदेश के तहत दिया गया और इसकी जवाबदेही किस अधिकारी की है।
🔴 पहले भी शिकायत, फिर कार्रवाई क्यों नहीं?
सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में पहले भी मनोज प्रभात तक शिकायत पहुंची थी, लेकिन आरोप है कि उसके बाद भी स्थिति में कोई ठोस बदलाव नहीं हुआ। अब सवाल यह है कि यदि शिकायत पहले से अधिकारियों के संज्ञान में थी तो उसकी जांच किस स्तर पर हुई और क्या कार्रवाई की गई?
🔴 ठेकेदार और जेई में तीखी नोकझोंक
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले विभाग में फाइल और भुगतान को लेकर ठेकेदार तथा जूनियर इंजीनियर के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। यह घटनाक्रम अब विभाग के भीतर चर्चा का विषय बना हुआ है।
🔴 नगर आयुक्त की साख से जुड़ा मामला
नगर आयुक्त गौरव कुमार लगातार पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देते रहे हैं। ऐसे में मार्ग प्रकाश विभाग में सामने आए इन आरोपों की निष्पक्ष जांच उनकी प्रशासनिक कार्यप्रणाली की कसौटी भी होगी। यदि आरोप गलत हैं तो संबंधित अधिकारी को साफ-साफ क्लीन चिट मिलनी चाहिए और यदि फाइलों में नियमविरुद्ध कटौती अथवा किसी प्रकार के अनुचित लेन-देन का प्रमाण मिलता है तो जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल यही है,नगर निगम में भुगतान फाइलें नियम और माप के आधार पर चलेंगी या किसी कर्मचारी-अधिकारी की मनमर्जी से?
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 8 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।