जोन-8 में वार्डों का बंटवारा या ‘नीलामी’? वीरभद्र के तबादले के बाद 5-5-3 का गणित, उठे सवाल

सूत्रों का दावा,वार्डों की जिम्मेदारी तय करने में ‘बोली’ की चर्चा; 13 वार्डों में सत्येंद्र नाथ और नईम सफाई निरीक्षक को 5-5, मीरा राव को मिले सिर्फ 3 वार्ड

लखनऊ। “नीलाम हो रहा था किसी नाज़नीं का प्यार…” गीत की यह पंक्ति इन दिनों लखनऊ नगर निगम के जोन-8 में वार्डों की जिम्मेदारी को लेकर चल रही चर्चाओं पर व्यंग्य की तरह फिट बैठ रही है। वीरभद्र के जोन-1 स्थानांतरण के बाद खाली हुई जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के मुताबिक जोन-8 के 13 वार्डों में जिम्मेदारियों का नया गणित तैयार किया गया है। इसमें सत्येंद्र नाथ को पांच और नईम सफाई निरीक्षक को पांच वार्ड दिए गए, जबकि पहले से कार्यरत मीरा राव के हिस्से में महज तीन वार्ड आए हैं। बताया जा रहा है कि यह बंटवारा ZSO जितेंद्र गांधी के स्तर से किया गया।

मामले में सबसे गंभीर चर्चा वार्डों की जिम्मेदारी देने के पीछे कथित ‘बोली’ को लेकर है। सूत्रों का दावा है कि कुछ वार्ड हासिल करने के लिए लेन-देन की चर्चा है। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

सवाल यह है कि 5-5-3 का यह फार्मूला किस प्रशासनिक आधार पर तय हुआ? वरिष्ठता, कार्यक्षमता या क्षेत्र की जरूरत,मानक क्या था?
नगर आयुक्त को इस पूरे वार्ड आवंटन की फाइल और आदेश की जांच कर यह स्पष्ट कराना चाहिए कि बंटवारा नियमानुसार हुआ या इसके पीछे कोई और खेल है। आरोप गलत हैं तो स्थिति साफ हो और यदि गड़बड़ी मिले तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई हो।




