चिनहट में अतिक्रमण पर चला नगर निगम का डंडा, जोनल अधिकारी से अभद्रता का आरोप; बचाव में उतरे अरुण राय

PIL के संदर्भ में ट्यूलिप अपार्टमेंट के सामने कार्रवाई; गंदगी, नाला चोक और ट्रैफिक की समस्या का हवाला, कथित वसूली के आरोपों से गरमाया मामला
लखनऊ। चिनहट द्वितीय वार्ड में ट्यूलिप अपार्टमेंट के सामने अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम जोन-4 की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। जोनल अधिकारी शिल्पा कुमारी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान कुछ पटरी दुकानदारों पर महिला अधिकारी से अभद्रता करने का आरोप है। वहीं, नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य अरुण राय के ठेले-पटरी दुकानदारों के समर्थन में उतरने से मामला और गरमा गया।

जोनल अधिकारी शिल्पा कुमारी के मुताबिक, अतिक्रमण से जुड़ा मामला जनहित याचिका (PIL) के रूप में न्यायालय में विचाराधीन है और इसी संदर्भ में नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। क्षेत्र में सड़क किनारे अतिक्रमण से यातायात प्रभावित होने के साथ आसपास गंदगी फैलने की शिकायत है। कूड़ा नाले में पहुंचने से जलनिकासी बाधित होने और बारिश में जलभराव की समस्या बढ़ने की आशंका भी रहती है।

कार्रवाई के दौरान विरोध बढ़ा तो दोनों पक्षों से आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। नगर निगम पक्ष की ओर से महिला अधिकारी के साथ अभद्रता का आरोप लगाया गया, जबकि पटरी दुकानदारों की तरफ से कथित तौर पर पैसे लिए जाने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

इधर, कार्यकारिणी सदस्य अरुण राय के दुकानदारों के पक्ष में आने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर उनके हस्तक्षेप के पीछे कथित आर्थिक हितों की चर्चाएं हैं, लेकिन इसका कोई प्रमाण फिलहाल सामने नहीं आया है। वार्ड के पार्षद शैलेंद्र वर्मा हैं।

अब सवाल यह है कि यदि कार्रवाई PIL और सार्वजनिक व्यवस्था के मद्देनजर हो रही थी तो इसका विरोध क्यों? साथ ही कथित वसूली और अभद्रता,दोनों आरोपों की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।


