लखनऊ में दर्दनाक हादसा: इटौंजा पावर हाउस में संविदा कर्मी की करंट से मौत, मुआवजे की मांग
लखनऊ। राजधानी के बीकेटी डिवीजन के इटौंजा पावर हाउस में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां संविदा कर्मी गौरव यादव की हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार सुबह उस समय हुआ जब गौरव यादव रोज की तरह अपनी ड्यूटी पर पहुंचे थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह उनके जीवन का आखिरी दिन साबित होगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गौरव यादव लाइन मरम्मत के लिए पोल पर चढ़ ही रहे थे कि बिना बिजली सप्लाई बंद किए अचानक पावर चालू कर दी गई। इससे वे बुरी तरह झुलसकर नीचे गिर पड़े। सहकर्मियों और ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
परिवार का आरोप – बिना सेफ्टी किट काम कराया गया
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि गौरव यादव एक अकुशल श्रमिक थे और महज़ कुछ दिन पहले ही उन्हें नौकरी मिली थी। अभियंताओं के दबाव में उन्हें बिना सेफ्टी किट और सुरक्षा उपकरणों के पोल पर चढ़ाया गया। गौरव परिवार के बड़े बेटे थे और पूरे घर की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
शटडाउन के बावजूद बिजली क्यों हुई चालू?
परिजनों ने सवाल उठाया कि दो बार शटडाउन होने के बाद भी आखिर बिजली सप्लाई क्यों चालू की गई, जिससे इतनी बड़ी दुर्घटना हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से मांग की है कि मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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अधिकारियों की चुप्पी
हमारी संवाददाता ज्योति गुप्ता ने इस मामले पर बीकेटी डिवीजन के अधिशासी अभियंता, इटौंजा पावर हाउस के एसडीओ और अवर अभियंता से फोन पर बात करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। सवाल यह है कि जब मीडिया का फोन नहीं उठाया जाता, तो पीड़ित परिवार की सुनवाई कैसे होगी?
फिलहाल, विभागीय अधिकारी इस घटना पर चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि परिवार न्याय और मुआवजे की मांग कर रहा है।



