रामलीला कमेटी की कार्यकारिणी को लेकर विवाद,

महामंत्री ने समानांतर कार्यकारिणी और कूटरचित दस्तावेजों के आरोप लगाकर डीएम से जांच की मांग की।
एटा। श्री रामलीला एवं प्रदर्शनी कमेटी, एटा की कार्यकारिणी को लेकर विवाद सामने आया है। कमेटी के महामंत्री अनिल कुमार शर्मा ने सदस्य उमाशंकर गिरी पर कथित कूटरचित दस्तावेज तैयार कर समानांतर कार्यकारिणी दर्शाने और संस्था पर अवैध नियंत्रण का प्रयास करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मामले की जांच और वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार श्री रामलीला एवं प्रदर्शनी कमेटी का पंजीकरण संख्या 622/1986-87 है और वर्ष 2026-27 के लिए अनिल कुमार शर्मा को निर्वाचित महामंत्री बताया गया है। आरोप है कि उमाशंकर गिरी ने वर्ष 2022 से 2026 तक स्वयं को महामंत्री दर्शाते हुए चिट फंड कार्यालय में ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिन्हें शिकायतकर्ता ने फर्जी और कूटरचित बताया है।
बैंक खाते के संचालन पर भी सवाल
ज्ञापन में संस्था के बैंक खाते के संचालन को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार कमेटी की नियमावली के बिंदु 11 में बैंक खाते का संचालन महामंत्री और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किए जाने का प्रावधान है। आरोप है कि कथित फर्जी कार्यवाही रजिस्टर और दस्तावेजों के माध्यम से संस्था के अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
2015 के विवाद का भी उल्लेख
ज्ञापन में वर्ष 2015 में भी संस्था की कार्यकारिणी को लेकर विवाद होने का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उस समय भी फर्जी चुनाव और समानांतर कार्यकारिणी का मामला सामने आया था तथा तत्कालीन उप निबंधक, आगरा ने 16 सितंबर 2015 को नोटिस जारी किया था।
नवीनीकरण को लेकर भी दावा
महामंत्री के अनुसार संस्था का वर्ष 2026 से 2031 तक पांच वर्षों के लिए नवीनीकरण कराया जा चुका है। उनके मुताबिक सहायक निबंधक, फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स, अलीगढ़ कार्यालय से 21 सितंबर 2026 को नवीनीकरण प्रमाणपत्र जारी हुआ है। उमाशंकर गिरी की ओर से प्रस्तुत कथित दस्तावेजों को लेकर 22 सितंबर को डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराने की बात भी कही गई है।
महामंत्री अनिल कुमार शर्मा ने डीएम से पूरे मामले की जांच कर कथित कूटरचित दस्तावेजों के संबंध में वैधानिक कार्रवाई कराने की मांग की है। साथ ही बैंक एवं प्रशासनिक अधिकारियों को विवादित कार्यकारिणी के दस्तावेजों पर सत्यापन के बिना कोई कार्रवाई न करने और आगामी रामलीला एवं प्रदर्शनी के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की है।




