सआदतगंज में नाली-सड़क निर्माण पर सवाल: कहीं लेवल सीधा, कहीं अधूरा; बारिश में जलनिकासी बिगड़ी तो जिम्मेदार कौन?

स्थानीय लोगों का आरोप—साइट पर नियमित नहीं पहुंचते जिम्मेदार अभियंता, गुणवत्ता और निगरानी पर उठे सवाल; ठेकेदार ने खामी सुधारने की कही बात

लखनऊ। नगर निगम जोन-6 का अभियंत्रण विभाग एक बार फिर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में है। सआदतगंज वार्ड के आलमनगर-सारीपुरा क्षेत्र में पुष्कल मैरिज लॉन के पास 356/186, केतन विहार में कराए जा रहे नाली और सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। इस वार्ड के पार्षद गुड्डू यादव हैं।

क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान संबंधित अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियर की मौके पर प्रभावी निगरानी नजर नहीं आ रही। लोगों का कहना है कि नाली का लेवल कई स्थानों पर एक समान नहीं रखा गया है और बीच-बीच में निर्माण का स्तर बदल रहा है। ऐसे में सवाल है कि पानी निर्धारित दिशा में बहेगा कैसे?

🔴 आज लेवल बिगड़ा तो बारिश में भुगतेगी जनता
नाली निर्माण में सही ढाल और लेवल जलनिकासी की बुनियादी जरूरत है। यदि निर्माण के समय ही स्तर में गड़बड़ी रह गई तो बारिश के दौरान पानी रुकने, नाली के ओवरफ्लो होने और सड़क पर जलभराव जैसी समस्या पैदा हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की भी तकनीकी जांच होनी चाहिए, ताकि कुछ महीनों बाद सड़क टूटने या धंसने की नौबत न आए।

क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि अभियंत्रण विभाग की निगरानी महज फोटो खिंचवाकर फाइल पूरी करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। लोगों ने कमीशनखोरी के भी आरोप लगाए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जब नाली के लेवल को लेकर ठेकेदार से आपत्ति जताई गई तो उसने खामी को ठीक कराने की बात कही।
🔴 सवाल—इंजीनियर साइट पर नहीं जाएंगे तो गुणवत्ता कौन जांचेगा?
नगर निगम विकास कार्यों पर जनता का पैसा खर्च करता है। ऐसे में निर्माण के दौरान अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियर की तकनीकी निगरानी बेहद अहम है। सवाल यह है कि काम पूरा होने और भुगतान से पहले क्या जोन-6 का अभियंत्रण विभाग नाली की ढाल, लेवल और सड़क की गुणवत्ता की मौके पर जांच करेगा? क्योंकि निर्माण की खामी आज नहीं सुधरी तो इसका खामियाजा आने वाली बारिश में क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ सकता है।


