Etah News: गांवों के विकास की जिम्मेदारी वाले सकीट ब्लॉक कार्यालय में ही बदहाली, शौचालयों की हालत देख उठे सवाल

महीनों से महिला और पुरुष शौचालयों में सफाई का अभाव, महिला शौचालय का गेट भी टूटा; कार्यालय परिसर में गंदगी और दुर्गंध से लोग परेशान।
सकीट (एटा)। गांवों में स्वच्छता, विकास और मूलभूत सुविधाओं की निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले विकासखंड कार्यालय की अपनी व्यवस्थाएं ही सवालों के घेरे में हैं। सकीट विकासखंड कार्यालय परिसर में महिला और पुरुष शौचालयों की हालत लंबे समय से खराब बताई जा रही है। शौचालयों में सफाई का अभाव है, गंदगी जमा है और आसपास दुर्गंध का माहौल बना हुआ है।
महिला शौचालय का गेट भी टूटा पड़ा है।
विकासखंड कार्यालय में प्रतिदिन अधिकारी-कर्मचारी बैठते हैं और ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर यहां पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालय परिसर की यह स्थिति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब विकासखंड कार्यालय में ही स्वच्छता व्यवस्था ठीक नहीं है तो गांवों में स्वच्छता और विकास कार्यों की निगरानी किस तरह की जा रही होगी।
महीनों से नहीं हुई सफाई, जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल
कार्यालय परिसर में बने महिला और पुरुष शौचालयों में लंबे समय से सफाई नहीं होने की शिकायत है। गंदगी के कारण शौचालयों का इस्तेमाल करना भी मुश्किल बताया जा रहा है। महिला शौचालय का गेट टूटे होने से महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आसपास गंदगी का अंबार और दुर्गंध लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
सवाल यह है कि जिस विकासखंड कार्यालय से गांवों में स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी की जाती है, वहां अपने ही परिसर की सफाई व्यवस्था पर जिम्मेदारों की नजर क्यों नहीं पड़ी?
क्या नियमित निरीक्षण किया जाता है? अगर निरीक्षण होता है तो महीनों तक शौचालयों की यह स्थिति कैसे बनी रही?
खबर प्रकाशित होने के बाद शुरू हुई सफाई
मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी उमेश सक्सेना से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पत्रकार द्वारा मामला उनके संज्ञान में लाया गया है। इसके बाद कार्यालय परिसर में सफाई कराई जा रही है।
हालांकि, इससे व्यवस्था को लेकर उठे सवाल खत्म नहीं होते। यदि कार्यालय में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाती और शौचालयों का समय-समय पर निरीक्षण होता तो स्थिति इतनी खराब होने से पहले ही सुधार की जा सकती थी।
अब देखना होगा, सिर्फ सफाई या स्थायी व्यवस्था भी?
फिलहाल खबर सामने आने के बाद सफाई शुरू हो गई है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सफाई महज औपचारिकता तक सीमित रहेगी या विकासखंड कार्यालय में शौचालयों की नियमित सफाई, टूटे गेट की मरम्मत और परिसर की स्वच्छता के लिए स्थायी व्यवस्था भी की जाएगी।
गांवों के विकास और स्वच्छता की निगरानी करने वाले विभाग के कार्यालय में ही अगर मूलभूत स्वच्छता व्यवस्था बदहाल मिले तो निश्चित तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब निगाह इस बात पर है कि खबर के बाद हुई सफाई के साथ व्यवस्था कितने समय तक कायम रहती है।
फोटो कैप्शन: सकीट विकासखंड कार्यालय परिसर में बदहाल पड़े शौचालय।





