महापौर 11 बनाम जलकल 11: जब राजनीति ने क्रिकेट में बाउंड्री पार की!
Mayor XI vs Jal Kal XI: When Politics Crossed Boundaries in Cricket!

अटल क्रीड़ा स्थल, विरामखंड 2 ने आज सुबह कुछ अलग ही नज़ारा देखा। वहां बैट और बॉल के साथ नेतागिरी का तड़का लगा! महापौर 11 और जलकल 11 के बीच हुए फ्रेंडली क्रिकेट मैच ने साबित कर दिया कि नेतागिरी और क्रिकेट में बस एक चीज़ कॉमन है— ‘सबको खुश रखना’।
मैच के हीरो रहे भाजपा नेता नीरज सिंह, जिन्होंने ‘क्रिकेट का चिराग’ बनते हुए 41 रन ठोक दिए और एक विकेट भी झटक लिया। दर्शकों का कहना है कि उनके इस प्रदर्शन के पीछे मैदान में मौजूद कैमरों का भी बड़ा हाथ था! वहीं, महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने पूरे मैच के दौरान खिलाड़ियों का जोश बढ़ाया और शायद मन ही मन ये भी सोचा, “अरे, ये तो मैदान पर भी वोट मांगने से नहीं चूकते!”
मैच में रोमांच की कोई कमी नहीं रही। दोनों टीमें आखिरी तक टाई रही, मानो कह रही हों, “अरे भाई, हार-जीत से क्या लेना, आखिरकार हम एक ही पार्टी से हैं!” इसलिए अंत में सबको खुश करने के लिए दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया गया।
खेल भावना तो गजब थी, लेकिन बीच-बीच में बल्ले से ज्यादा हंसी-ठिठोली और वोटबैंक का चक्कर चलता दिखा। जलकल 11 की टीम ने ये सोचकर बॉलिंग की, “चलो, पानी की सप्लाई ठीक नहीं तो क्या, रन की सप्लाई तो रोक दें!”
आखिरकार, ये मुकाबला साबित कर गया कि खेल और राजनीति का मेल मनोरंजन का शानदार कॉम्बिनेशन है। साथ ही, यह भी कि राजनीति के खिलाड़ी सिर्फ चुनावी मैदान में ही नहीं, क्रिकेट के मैदान में भी छक्के मार सकते हैं—चाहे वो बल्ले से हों या बातों से!
(अब देखना ये है कि अगले साल का मुकाबला ड्रा रहेगा या फिर इसमें भी “आरक्षण” की मांग उठेगी!)



