10 मिनट की बाइक यात्रा में खुल गई जोन-7 की सफाई व्यवस्था की पोल
Mishra Manish55 minutes agoLast Updated: June 2, 2026
0 72 3 minutes read
मैथिलीशरण गुप्त वार्ड में कागजों पर सफाई, जमीन पर गंदगी का साम्राज्य
लखनऊ। नगर निगम जोन-7 के अंतर्गत आने वाले मैथिलीशरण गुप्त वार्ड में मात्र 10 मिनट की मोटरसाइकिल यात्रा ने सफाई व्यवस्था की पूरी हकीकत उजागर कर दी। जिन रास्तों पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी और हजारों नागरिक रोजाना गुजरते हैं, वहीं कूड़े के ढेर, उगी हुई झाड़ियां, टूटी सफाई व्यवस्था और बदहाल सड़क किनारे की तस्वीरें साफ दिखाई दे रही हैं। सवाल यह है कि जब यह सब आम लोगों को दिख रहा है तो जोन-7 के जिम्मेदार अधिकारियों को आखिर क्यों नहीं दिख रहा?
🟥आशुतोष टंडन के कैंप कार्यालय के सामने गंदगी का अंबार
सबसे हैरान करने वाली तस्वीर पूर्व नगर विकास मंत्री स्वर्गीय आशुतोष टंडन के कैंप कार्यालय के आसपास देखने को मिली। जिस क्षेत्र को भाजपा की राजनीतिक पहचान माना जाता है, वहीं सड़क किनारे कूड़े के ढेर और अव्यवस्था का नजारा दिखाई दिया। नगर निगम के दावे यहां पूरी तरह दम तोड़ते नजर आए।
🟥 विधायक ओपी श्रीवास्तव के घर के आसपास भी बदहाल व्यवस्था
लखनऊ पूर्व विधानसभा के विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव के आवास के आसपास की सड़कें भी सफाई व्यवस्था की पोल खोलती दिखाई दीं। सड़क किनारों पर झाड़ियां उगी हुई हैं, कई स्थानों पर कूड़ा जमा है और नियमित सफाई का कोई प्रभाव दिखाई नहीं देता। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हो रहा।
🟥 सिर्फ एक गली चमकी, बाकी वार्ड अंधेरे में निरीक्षण के दौरान एकमात्र जज उपाध्याय जी की गली अपेक्षाकृत साफ-सुथरी दिखाई दी, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में रही। इससे यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या नगर निगम की सफाई केवल चुनिंदा स्थानों तक सीमित होकर रह गई है?
🟥जनगणना का जिम्मा भी इन्हीं अधिकारियों के पास
विडंबना यह है कि इन दिनों देश के सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल जनगणना अभियान की बड़ी जिम्मेदारी भी नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के कंधों पर है। जब अपने वार्ड की सड़कों, नालियों और कूड़े के ढेरों पर इनकी नजर नहीं पड़ रही, तो नागरिकों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी का संचालन कितनी गंभीरता से होगा।
🟥 पूर्व पार्षद की RTI भी नहीं जगा सकी व्यवस्था
पूर्व भाजपा पार्षद दिलीप श्रीवास्तव ने कुछ दिन पहले सफाई व्यवस्था से संबंधित आरटीआई सार्वजनिक कर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने सफाई कार्यों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जवाब मांगे थे और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने रखी थी। लेकिन लगता है कि न तो उस आरटीआई का कोई असर हुआ और न ही अधिकारियों में किसी प्रकार का भय दिखाई दे रहा है।
⬛ जोन-7 में आखिर जवाबदेह कौन?
लगातार शिकायतें, जनप्रतिनिधियों के क्षेत्रों में गंदगी, कूड़े के ढेर, झाड़ियों से घिरी सड़कें और सफाई व्यवस्था की बदहाली अब सीधे-सीधे जोन-7 प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। नगर निगम के उच्च अधिकारियों को अब यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर सफाई के नाम पर खर्च हो रहे संसाधनों का लाभ जमीन पर क्यों दिखाई नहीं दे रहा।
सवाल जनता का है…
🟥पूर्व नगर विकास मंत्री के कैंप कार्यालय के सामने गंदगी क्यों?
🟥विधायक क्षेत्र में झाड़ियां और कूड़ा किसकी जिम्मेदारी? RTI के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
🟥जनगणना का जिम्मा संभाल रहे अधिकारी अपने वार्ड की व्यवस्था क्यों नहीं संभाल पा रहे?
🟥मैथिलीशरण गुप्त वार्ड की यह तस्वीर सिर्फ एक वार्ड की कहानी नहीं, बल्कि नगर निगम की जमीनी निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल
मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।