जिले में भव्यता और पूर्ण गरिमा के साथ मनाया गया 80वा स्वतंत्रता दिवस

ललितपुर। जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश के नेतृत्व में जनपद में 80वे स्वतंत्रता दिवस को पूर्ण भव्यता और गरिमा के साथ मनाया गया, इस अवसर कलेक्ट्रेट, विकास भवन, पुलिस लाइंस सहित सभी सरकारी, गैरसरकारी भवनों पर ध्वजारोहण किया गया और उन्हें तिरंगा रोशनी से रोशन किया गया, इसके साथ ही देश के शहीदों, महापुरुषों, वीर सपूतों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया और उनके बलिदानों को याद किया गया। साथ ही जिला कारागार व वृद्धाश्रम में फल वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम की श्रृंखला में प्रातः जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगणों के द्वारा घण्टाघर पर पूज्य महात्मा गांधी जी, श्री चन्द्रशेखर आजाद, लौहपुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल, श्री अटल बिहारी बाजपेई, श्री बृजनन्दन किलेदार (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी), श्री वीर सावरकर, डॉ0 भीमराव अम्बेडकर, श्री कर्पूरी ठाकुर, अवंतीबाई, महारानी लक्ष्मीबाई एवं पं0 परमानन्द जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
इसके उपरान्त जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर सहित अपने आवास पर ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान व राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन कराया। विकास भवन में माननीय राज्यमंत्री श्री मनोहर लाल पंथ ने ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता के महत्व पर प्रकाश डाला और राष्ट्रगान गाया। इसी क्रम में सभी सरकारी तथा गैरसरकारी कार्यालयों, संस्थाओं व शिक्षण संस्थानों में ध्वज फहराया गया।
इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार व विकास भवन में गोष्ठी का आयोजन किया गया, जहां सभी ने महात्मा गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। साथ ही राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की
छात्राओं ने देशभक्ति गीत “भारत महान है” गाया, जिस पर जिलाधिकारी ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें मिष्ठान व पुरस्कार प्रदान किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों के कारण अगर हमें आजादी नहीं मिलती तो शायद हम यहां न बैठे होते। आज हमे या हमारे बच्चों को थोड़ी सी चोट लग जाती है तो हम अस्पताल भागते हैं लेकिन एक ऐसा दौर भी था जब लोगों ने अपनी पीढ़ियों को आजाद कराने के लिए अपनी जान तक देदी थी। यहां तक कि उस दौर में हमारे पूर्वजों और उनके बच्चों ने अपनी परवाह किए बगैर स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनमें से कोई फांसी पर लटक गया, तो किसी ने आजीवन कारावास काटा, वो भी सिर्फ इसलिए कि हम खुली हवा में सांस ले सकें। ऐसे वीरों को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि हम देश के विकास में योगदान दें और हमारे पूर्वजों का जो सपनों का भारत था उसे साकार कर विकसित राष्ट्र की संकल्पना को पूरा करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि हम आज जहां भी हैं, वहां अपना काम पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करें, आप सभी भाग्यशाली हैं कि जिले की सभी विकास योजनाओं यहां से होकर गुजरती हैं, इसलिए आप बहुत महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि आप अपना काम अच्छे से करेंगे तो आखिरी छोर पर खड़ा व्यक्ति भी आपके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करेगा और यही आपका धमार्थ कार्य है, क्योंकि किसी न किसी तरह से आप उस व्यक्ति की मदद कर रहे हैं।




