करोड़ों खर्च के बावजूद गंदगी, क्या ऐसे बनेगा लखनऊ नंबर-एक?

लखनऊ नगर निगम हर साल सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है, लेकिन कई वार्डों में जमीनी हकीकत इसके उलट दिखाई दे रही है।
आज नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा और महापौर सुषमा खर्कवाल ने जोन-3 कार्यालय के उद्घाटन के दौरान कहा कि लखनऊ को देश में नंबर-एक बनाना है, लेकिन हैदरगंज जैसे इलाकों की हालत इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
ऐसे में स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम को हैदरगंज प्रथम, द्वितीय और तृतीय वार्ड का भी दौरा करना चाहिए, ताकि सफाई व्यवस्था की असली तस्वीर सामने आ सके।
लखनऊ नगर निगम के जोन-6 अंतर्गत हैदरगंज द्वितीय वार्ड में सफाई व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल की टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि कई इलाकों में महीनों से सफाई नहीं हुई, नालियां प्लास्टिक और पन्नियों से भरी हैं और सड़कों पर उगी झाड़ियां स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन चुकी हैं।
वार्ड के विभिन्न क्षेत्रों में फैली गंदगी और बदहाल व्यवस्था ने नगर निगम के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बादशाह खेड़ा रोड बना डंपिंग यार्ड
स्थानीय लोगों के अनुसार बादशाह खेड़ा रोड के आसपास कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे पूरा इलाका डंपिंग यार्ड जैसा दिखाई देता है। बदबू और गंदगी से लोगों का वहां से निकलना मुश्किल हो रहा है।

भपटामऊ में नालियों में प्लास्टिक का अंबार
भपटामऊ इलाके की नालियां प्लास्टिक और पन्नियों से पूरी तरह जाम नजर आईं। नालियों में बहता कचरा न केवल जलभराव की समस्या पैदा कर रहा है बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा है।
हर्ष नगर सड़क पर उगी बड़ी-बड़ी झाड़ियां
हर्ष नगर क्षेत्र में सड़कों के किनारे बड़ी-बड़ी झाड़ियां और पेड़ उग आए हैं, जिससे साफ नजर आता है कि लंबे समय से यहां सफाई नहीं हुई।

बुद्धेश्वर में सड़क-नाली के बीच लोगों का निकलना मुश्किल.
बुद्धेश्वर इलाके में हालात और भी चिंताजनक हैं। सड़क और नाली की स्थिति ऐसी है कि लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। गंदगी और पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां सेट गिरकर चोटिल होने का भी खतरा बना रहता है।

सालों से जमे SFI पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि SFI रामचंद्र यादव वर्षों से जोन में जमे हुए हैं, लेकिन शायद ही कभी वार्ड का निरीक्षण करने आते हों। लोगों का कहना है कि अगर नियमित निगरानी होती तो हालात इतने खराब नहीं होते।
जोनल सेनेटरी अफसर पर भी सवाल
जोनल सेनेटरी अफसर राजेश को फोन किए जाने पर उनका CUG नंबर ड्राइवर द्वारा उठाया गया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि अधिकारी अपने सीयूजी फोन खुद रखें और कॉल रिसीव न होने पर कॉल बैक करें।
नगर आयुक्त का बयान
नगर आयुक्त गौरव कुमार का कहना है:
“जहां भी शिकायतें आती हैं, वहां कार्रवाई की जाती है। लेकिन मेरे पास पूरे दिन में करीब 2000 मैसेज आते हैं, ऐसे में हर जगह तुरंत कार्रवाई करना संभव नहीं होता।”
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।
मनीष मिश्रा राज्य संवाददाता, सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल मनीष मिश्रा पिछले 7 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।

