बदायूं: 10 हजार से ज्यादा राजस्व वाद लंबित, डीएम का निर्देश- 45 दिन पुराने मामलों को जल्द निस्तारित करें

धारा 34 के 7,422, धारा 24 के 957 और धारा 116 के 1,755 वाद लंबित, सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारने पर भी जोर
बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय ने राजस्व न्यायालयों में लंबे समय से लंबित वादों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को 45 दिन से अधिक पुराने राजस्व वादों को शीर्ष प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समय में निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि राजस्व वादों के निस्तारण में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी स्तरों पर प्रभावी मॉनीटरिंग की जाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को सीएम डैशबोर्ड, आपदा और बाढ़ से संबंधित बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी ने तहसीलवार लंबित राजस्व वादों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि धारा 34 के तहत जिले में कुल 7,422 वाद लंबित हैं। इनमें बदायूं तहसील में 1,951, बिसौली में 1,744, सहसवान में 1,333, दातागंज में 1,242 और बिल्सी में 1,152 वाद शामिल हैं।
इसी तरह धारा 24 के तहत कुल 957 वाद लंबित हैं। इनमें बदायूं के 242, दातागंज के 280, बिल्सी के 148, बिसौली के 213 और सहसवान के 74 मामले हैं। वहीं धारा 116 के तहत कुल 1,755 वाद लंबित पाए गए। इनमें बदायूं में 643, दातागंज में 420, बिसौली में 304, बिल्सी में 274 और सहसवान में 114 वाद शामिल हैं।
डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित समयावधि में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण हो।
सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारने पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभिन्न बिंदुओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि सीएम डैशबोर्ड से संबंधित बिंदुओं पर तेजी से कार्रवाई की जाए। सभी अधिकारी अपने-अपने विभागीय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करें, ताकि आगामी माह में जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके।
18 सितंबर को होगी मॉक एक्सरसाइज
बैठक में 18 सितंबर को प्रस्तावित मॉक एक्सरसाइज की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि भूकंप, रासायनिक गैस रिसाव और अग्नि सुरक्षा जैसी आपदाओं से निपटने तथा जन-धन की हानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से जिले की सभी तहसीलों में मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने दायित्व के अनुसार समय से पहुंचकर अभ्यास में प्रतिभाग करने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सभी विभागीय तैयारियां समय से पूरी करने को कहा।




