Welcome to Soochna India   Click to listen highlighted text! Welcome to Soochna India
Breaking News

बरेली: छात्रवृत्ति में लापरवाही, 83 विद्यालयों का डाटा अभी अधूरा, डीएम नाराज

2026-27 में छात्रवृत्ति वितरण की तैयारियों की समीक्षा, समयसीमा में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

शैक्षिक सत्र 2026-27 में छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ समय से दिलाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की ओर से छात्रवृत्ति स्वीकृति और वितरण की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। इसमें एससी, एसटी, ओबीसी समेत सभी वर्गों के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति से जुड़ी प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में कई अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधकों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश सरकार की ओर से शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए पूर्वदशम यानी कक्षा नौ और 10 तथा दशमोत्तर यानी कक्षा 11-12 और उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का कार्यक्रम जारी किया जा चुका है। छात्रवृत्ति की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार अलग-अलग चरणों में पूरी की जाएगी।

नवीनीकरण और नए छात्रों के आवेदन की अलग-अलग समयसीमा

कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालयों की ओर से मास्टर डाटा तैयार करने की प्रक्रिया 22 जुलाई से पांच अगस्त तक निर्धारित की गई थी। जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर से इसका सत्यापन 23 जुलाई से नौ अगस्त तक किया जाना था। नवीनीकरण वाले विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अवधि 11 से 25 अगस्त तक रखी गई थी, जबकि नए विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन 11 अगस्त से 21 सितंबर तक किए जा सकते हैं।

विद्यालय स्तर से आवेदनों के सत्यापन और अग्रसारण के लिए 13 अगस्त से 15 अक्तूबर तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद विद्यार्थियों को आवेदन की हार्डकॉपी सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित शिक्षण संस्थान में जमा करनी होगी।

शिक्षण संस्थानों की ओर से छात्रवृत्ति योजना के लिए मास्टर डाटा 22 जुलाई से 15 अगस्त तक तैयार किया जाना था। विश्वविद्यालय या संबंधित एफिलिएटिंग एजेंसी की ओर से फीस के सत्यापन की प्रक्रिया 23 जुलाई से 30 अगस्त तक निर्धारित थी।

कक्षा 11-12 को छोड़कर उच्च कक्षाओं के नवीनीकरण वाले विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक किए जाएंगे। वहीं अल्पसंख्यक वर्ग के निजी क्षेत्र के संस्थानों की मार्किंग का कार्य एनपीसीआई पोर्टल पर 23 जुलाई से 14 सितंबर के बीच किया जाना है।

बायोमेट्रिक सत्यापन और डाटा जांच पर भी जोर

बैठक में बताया गया कि शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करने के साथ प्राप्तांक, पूर्णांक और उपस्थिति का विवरण दर्ज करना होगा। अपात्र विद्यार्थियों का डाटा निरस्त करने और पात्र विद्यार्थियों के डाटा का सत्यापन कर उसे अग्रसारित करने की जिम्मेदारी भी संस्थानों की होगी। इसके लिए 15 सितंबर से 25 अक्तूबर तक की समयसीमा निर्धारित की गई है।

कक्षा 11-12 को छोड़कर अन्य कक्षाओं के नए विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन और उसकी हार्डकॉपी शिक्षण संस्थान में जमा करने की अवधि 15 सितंबर से 31 अक्तूबर तक रखी गई है। नए विद्यार्थियों के आवेदन के बाद संस्थान स्तर पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और डाटा सत्यापन का कार्य 16 सितंबर से 10 नवंबर तक किया जाएगा।

दशमोत्तर उच्च कक्षाओं में सबसे ज्यादा लापरवाही

मास्टर डाटा प्रोफाइल अपडेशन की समीक्षा के दौरान छात्रवृत्ति योजना में विद्यालयों की प्रगति भी सामने आई। पूर्वदशम छात्रवृत्ति के लिए जिले के कुल 457 विद्यालयों में से 445 ने प्रोफाइल अपडेशन का काम पूरा कर लिया है, जबकि 12 विद्यालयों का काम शेष है।

दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए कुल 304 विद्यालयों में से 280 ने प्रोफाइल अपडेट कर लिया है। 24 विद्यालयों का काम अभी बाकी है। सबसे अधिक लापरवाही दशमोत्तर उच्च कक्षाओं में सामने आई। यहां कुल 261 विद्यालयों में से केवल 214 ने ही अपनी प्रोफाइल अपडेट की है।

विभाग के अनुसार शेष विद्यालयों में कई के बंद हो जाने और कुछ विद्यालयों में छात्र नामांकन नहीं होने के कारण प्रोफाइल अपडेशन का काम पूरा नहीं हो सका है। विभाग ने संबंधित विद्यालयों को जल्द से जल्द डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों को छात्रवृत्ति की निर्धारित समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ समय से मिले, इसके लिए आवेदन से लेकर सत्यापन और डाटा अग्रसारण तक प्रत्येक स्तर पर गंभीरता बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया में लापरवाही के कारण यदि किसी पात्र विद्यार्थी को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाया तो संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।

Sanjay Srivastva (Special Correspondent)

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Click to listen highlighted text!