शाहजहांपुर: गौशाला की बदहाली देख डीएम गुस्साए, ग्राम सचिव किया निलंबित

गौवंश के लिए चारा-पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा, लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की चेतावनी
शाहजहांपुर के विकासखंड ददरौल के निजामपुर गोटिया स्थित गौशाला में व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने नाराजगी जताई। सोमवार को गौशाला के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौवंश के संरक्षण, चारा-भूसा, पेयजल, साफ-सफाई और पशुओं के रख-रखाव की स्थिति देखी। व्यवस्थाएं संतोषजनक न मिलने पर डीएम ने संबंधित ग्राम सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए।



जिलाधिकारी ने गौशाला पहुंचकर सबसे पहले वहां संरक्षित गौवंश की संख्या की जानकारी ली। उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य, उनके लिए उपलब्ध चारे और भूसे की मात्रा तथा पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। मौके पर उपलब्ध चारे और भूसे की स्थिति भी देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में हरा चारा और भूसा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हर समय सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान गौशाला में गौवंश के संरक्षण और रख-रखाव की व्यवस्थाएं अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलीं। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि गौशालाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। गौवंश की देखभाल शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें लापरवाही मिलने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बीमार पशुओं का तत्काल कराया जाए उपचार
डीएम ने गौशाला परिसर में नियमित साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौशाला में रहने वाले पशुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। बीमार या कमजोर पशुओं की तत्काल पहचान कर उनका उपचार कराया जाए। किसी भी पशु के स्वास्थ्य के साथ लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गौवंश की उचित देखभाल सुनिश्चित की जाए। पशुओं को समय से चारा और भूसा मिले तथा पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी उपलब्ध रहे। गौशाला की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और निरीक्षण भी किया जाए, जिससे कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित ग्राम सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि निरीक्षण में मिली कमियों को तत्काल दूर कराया जाए और गौशाला की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गौशालाओं की नियमित समीक्षा और निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गौवंश को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में गौशालाओं में गौवंश के संरक्षण और देखभाल में लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।




