ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल में ‘मेरे सपनों का भारत’ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन


200 विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, विजेताओं को शील्ड, मेडल व प्रमाणपत्र देकर किया सम्मानित

वाराणसी में‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना और सेवा सप्ताह के उपलक्ष्य में चोलापुर स्थित ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर विभिन्न स्तरीय प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चोलापुर ब्लॉक के विभिन्न राजकीय, सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के करीब 200 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी बौद्धिक, रचनात्मक एवं अभिव्यक्ति क्षमता का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी चोलापुर नागेंद्र सरोज, अजगरा विधायक के प्रतिनिधि, ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल के प्रबंधक मनोज कुमार जायसवाल, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष ज्योति प्रकाश तथा नोडल शिक्षक संकुल पवन सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अनुशासन, उत्साह और भारतीय संस्कारों का परिचय देते हुए कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर सहभागिता की।

प्रतियोगिता के अंतर्गत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए क्विज, चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई, जबकि कक्षा 6 से 8 वर्ग के विद्यार्थियों ने चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेकर ‘मेरे सपनों का भारत’ की अपनी कल्पना को रंगों के माध्यम से जीवंत किया। विद्यार्थियों ने विकसित, आत्मनिर्भर, स्वच्छ, शिक्षित, संस्कारवान और सशक्त भारत की परिकल्पना को अपनी रचनाओं में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
‘आज के विद्यार्थी ही कल के भारत के निर्माता’ : नागेंद्र सरोज

समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र सरोज ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि प्रतियोगिताएं बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का विकास करती हैं। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही आने वाले भारत के निर्माता हैं। इसलिए उनमें शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता, राष्ट्रप्रेम और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ केवल प्रतियोगिता का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी के मन में बसे उस भारत की कल्पना है, जिसे वह अपने भविष्य में देखना चाहता है। बच्चों को अपने सपनों को केवल कागज पर चित्रित या मंच से व्यक्त करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में मेहनत, ईमानदारी, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बड़ों का सम्मान और जरूरतमंदों की सहायता जैसे छोटे-छोटे संकल्पों के माध्यम से साकार करने का प्रयास करना चाहिए।

बीईओ ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं जीवनोपयोगी संस्कारों से भी जोड़ें। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है और ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, सहयोग और सम्मान की भावना सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को भविष्य में भी निरंतर सीखने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।
विजेताओं का हुआ सम्मान
प्रतियोगिताओं के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि एवं अतिथियों द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में शील्ड, मेडल एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल के प्रबंधक मनोज कुमार जायसवाल ने सभी प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

विद्यालय के प्रबंधक मनोज कुमार जायसवाल ने कहा कि विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन अजीत कुमार सिंह ने किया। अंत में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद सिंह ने नवागत अतिथियों, शिक्षकों, प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पूर्व एआरपी भारतीश मिश्र, ब्लॉक मंत्री रमेश यादव, नोडल शिक्षक संकुल बसंत यादव, योगेंद्र यादव, राजेश यादव, आजाद, लोकेश, विनोद, समर बहादुर, राजीव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


