Uncategorized
** जिलाधिकारी द्वारा सांसद आदर्श ग्राम सरवां, विकास खंड बबीना में लगाई गई चौपाल, लाभार्थी परियोजनाओं की जानी हकीकत


झांसी///लोकेश मिश्रा
झांसी//शुक्रवारजिलाधिकारी रविंद्र कुमार द्वारा सांसद आदर्श ग्राम सरवां में जन चौपाल लगाई और ग्रामीणों से संवाद किया गया।
ग्राम सभा में आयोजित चौपाल की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार की लाभार्थीपरक योजनाओं की हकीकत जानी, उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति को ही मिली इसे अवश्य सुनिश्चित किया जाए। गांव की शिकायतों का निस्तारण यथाशीघ्र करना भी सुनिश्चित हो।
चौपाल के दौरान जिलाधिकारी को अवगत कराया ग्राम से कनेरा नदी निकली है, जिसको पुनर्जीवित करने का कार्य कराया जा रहा है यह नदी पहुंज नदी से मिलती है। यह नदी लगभग 30 किलोमीटर लंबी है, जिसके 8.5 किलोमीटर में काम लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा चुका है, कराए गई कार्यों की ग्रामीणों से जानकारी ली। ग्राम वासियों से पूछा कि ग्राम में मनरेगा अंतर्गत लोग कार्य करने के इच्छुक है अथवा नहीं। ग्रामवासियों द्वारा बताया गया कि उनके ग्राम के लोग मनरेगा अंतर्गत कार्य करने के इच्छुक है। उन्होंने चौपाल में निर्देश दिए कि कनेरा नदी के शेष भाग पर मनरेगा के अंतर्गत कार्य कराया जाय, ताकि कनेरा नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक कार्य हो जाए एवं उसमें पानी आ सके।
चौपाल में जिलाधिकारी, द्वारा ग्रामवासियों से गौशाला के संबंध में पूछा गया। अवगत कराया गया कि ग्राम में गौशाला नहीं है। उन्होंने लेखपाल से ग्राम उपलब्ध सरकारी भूमि के संबंध में जानकारी ली। लेखपाल द्वारा अवगत कराया गया कि ग्राम में सरकारी भूमि उपलब्ध है। खण्ड विकास अधिकारी, बबीना द्वारा बताया कि ग्राम में बृहद गौशाला हेतु भूमि चिन्हित की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने कहा कि गौशाला हेतु चिन्हित भूमि के बाउंड्री पर खाई खुदवाई जाए एवं वृक्षारोपण किया जाए। इसके अतिरिक्त चिन्हित गौशाला की खाली भूमि पर कांटारहित नागफनी, फोडर शुगर केन, नेपियर घास लगाई जाए ताकि गोवंश को हरा चारा उपलब्ध हो सके।
चौपाल में पंचायत भवन के संबंध में ग्राम प्रधान द्वारा बताया गया कि पंचायत भवन में केवल एक ही कमरा हैं जो स्कूल के अंदर बना हुआ है। इस संबंध में सचिव द्वारा बताया गया कि उनके पास अभी ग्राम निधि में अभी केवल 1.25 लाख फंड है। जिलाधिकारी ने पंचायत भवन के संबंध में जिला विकास अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार द्वारा आशा से आयुष्मान गोल्डन कार्ड के संबंध में जानकारी ली गई। आशा द्वारा बताया गया कि अभी लगभग 300 पात्र व्यक्तियों के गोल्डन कार्ड बनाया जाना शेष है। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों की सूची सार्वजनिक की जाए एवं 14 मई को आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जाने हेतु कैंप लगाया जाय। इस कैंप में आने वाले ग्रामवासियों का फ्री हेल्थ चेकअप भी किया जाए। उन्होंने ग्रामवासियों से 12 आयु से अधिक बच्चों/ व्यक्तियों के कॉविड वैक्सीनेशन होने के संबंध में जानकारी ली गई एवं आयोजित कैंप में 100 प्रतिशत फ्री वैक्सीनेशन कराएं जाने के निर्देश दिए गए।
चौपाल में ग्राम के अतिकुपोषित बच्चों के संबंध में जानकारी ली, आगनवाड़ी कार्यकर्ती ने बताया कि ग्राम में 04 लाल श्रेणी के बच्चें है। जिलाधिकारी निर्देश दिए गए कि जनपदीय रोडक्रॉस सोसायटी से उपरोक्त 04 बच्चौं को पैकेट दिया जाए। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी, झांसी द्वारा स्कूल में अध्यापक आने एवं ग्राम में सफाईकर्मी आने के संबंध में कुछ गया। कोई प्रतिकूल स्थिति ग्रामवासियों द्वारा संज्ञान में नहीं लाई गई।
ग्रामवासियों द्वारा चौपाल में बताया गया कि ग्राम के ट्रांसफर विगत कई माह से खराब हैं, जिसके संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए गए कि 14 मई को लगाए जाने वाले कैंप में विद्युत विभाग के उप खण्ड अधिकारी उपस्थित रहे एवं ग्राम के विद्युत संबंधी समस्याएं को समाधान करें।
इसके अतिरिक्त ग्रामवासियों से वृद्धावस्था/विकलांग पेंशन के संबंध में जानकारी ली गई एवं ग्रामवासियों द्वारा बताया गया कि कुछ पेंशन के लाभार्थी छूटे हुए हैं, जिला समाज कल्याण अधिकारी को छूटे हुए व्यक्तियों से आवेदन पत्र प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश जिलाधिकारी ने चौपाल में दिए।
इसके उपरांत जिलाधिकारी रविंद्र कुमार झांसी द्वारा ओपन जिम पार्क का लोकार्पण किया गया एवं ग्रामवासियों को ओपन जिम पार्क का प्रयोग कर स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
ओपन जिम पार्क के लोकार्पण के उपरांत जिलाधिकारी द्वारा सांसद आदर्श ग्राम सरवां, विकास खण्ड बबीना में स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टाल को देखा गया। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा हाथ से बनाए गई बिछाई, पैरदान, फल/सब्जी की डालिया का स्टाल लगाया गया था। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा यह भी बताया गया कि डालिया बनाते समय पॉलीथिन वेस्ट का प्रयोग किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा उनसे पैरदान खरीदा गया एवं स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाई गए उत्पादों की प्रशंसा करते हुए ब्लॉक स्तर पर उनकी प्रदर्शनी लगाई जाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
