World Mental Health Day 2025: डॉ. RMLIMS Lucknow में राष्ट्रीय CME, मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता और समाधान साझा किए

लखनऊ, 10 अक्टूबर 2025:
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day 2025) के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान (RMLIMS Lucknow) में ‘सेवाओं तक पहुँच – आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य’ विषय पर राष्ट्रीय CME (Continuing Medical Education) का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में देशभर से आए प्रतिष्ठित चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने Mental Health, Depression, Stress, और Mind-Body Connection से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन चर्चा की।

संस्थान के निदेशक प्रो. C.M. Singh ने कहा कि “भारत में लगभग 60-65% मानसिक रोगियों को आज भी उचित इलाज नहीं मिल पाता, जो कि हमारे लिए एक गंभीर चुनौती है।” उन्होंने यह भी बताया कि “बहुत से मरीज ऐसे होते हैं जो मानसिक तनाव के कारण शारीरिक बीमारियों की शिकायत करते हैं। समाज में व्याप्त कलंक इलाज में सबसे बड़ी बाधा बन चुका है।”
उन्होंने समाधान बताते हुए कहा कि योग, प्राणायाम, ध्यान और संतुलित आहार जैसी पारंपरिक जीवनशैली अपनाना ही Mental Balance की कुंजी है।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. Vikram Singh ने “Mind-Body Axis” पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लगातार Stress Hormone (Cortisol) का स्तर बढ़ना Hypertension, Diabetes, और IBS जैसी बीमारियों को जन्म देता है।
उन्होंने एक उदाहरण साझा किया जिसमें एक Hypertension रोगी का ब्लड प्रेशर केवल ध्यान और काउंसलिंग से सामान्य हुआ।
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डॉ. Jilani A.Q. ने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में बढ़ती Mental Health Disorders पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “आज के बच्चे Online Games Addiction, और युवा Career Pressure के कारण अवसाद के शिकार हो रहे हैं, जबकि बुजुर्ग Loneliness से जूझ रहे हैं।”
प्रख्यात न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. Dinkar Kulshreshtha ने Neurological Diseases और मानसिक स्वास्थ्य के गहरे संबंध को समझाते हुए कहा कि “Epilepsy और Parkinson’s Disease जैसी बीमारियाँ केवल दवाओं से नहीं, बल्कि मानसिक सहयोग से भी ठीक की जा सकती हैं।”
प्रो. Richa Chaudhary ने बताया कि ध्यान (Meditation) और प्राणायाम केवल धार्मिक क्रियाएँ नहीं बल्कि वैज्ञानिक तकनीकें हैं। “नियमित 20 मिनट Mindfulness Meditation करने से Stress Hormone 30% तक कम होता है,” उन्होंने बताया।
डॉ. Akanksha Sharma ने युवाओं में Smartphone Addiction के कारण नींद की कमी, चिड़चिड़ापन और Focus Problems जैसी परेशानियों पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. Shantanu Shukla ने Substance Abuse, Energy Drinks, और Smoking के बढ़ते खतरे को गंभीर बताया।
सभी वक्ताओं ने एकमत से कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल मनोरोग विशेषज्ञों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि Mental Health Awareness बढ़ाना और उपचार तक पहुंच सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।




