Lucknow Controversy: Vinamra Khand-2 Road Construction पर बड़ा सवाल | Nagar Nigam व LDA अनजान

विनम्र खंड-2 में बनी सड़क पर उठा बड़ा सवाल: न नगर निगम को जानकारी, न LDA को – निर्माण गुणवत्ता पर भी गंभीर आरोप
मनीष मिश्रा / Soochna India
लखनऊ। चिनहट द्वितीय वार्ड के विनम्र खंड-2 में बनी नई Internal Road Construction पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सड़क पूरी तरह बन चुकी है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि यह निर्माण किस विभाग ने कराया—इसकी जानकारी न Lucknow Nagar Nigam के पास है और न ही Lucknow Development Authority (LDA) के पास।
नगर निगम और LDA दोनों ने झाड़ा पल्ला – पारदर्शिता पर सवाल
स्थानीय पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने जब इस निर्माण कार्य की जानकारी नगर निगम और LDA के अवर अभियंताओं से मांगी, तो दोनों विभाग स्पष्ट जवाब देने में असफल रहे।
इससे परियोजना की Transparency, Accountability और Legal Validity पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

सड़क की गुणवत्ता पर भी उठे आरोप – Bitumen लेयर उखड़ने लगी
स्थानीय निवासियों ने सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है।
- जगह-जगह Bitumen Layer उखड़ रही है
- Drainage System अधूरा पड़ा है
- Construction Quality Standards का पालन नहीं किया गया
नागरिकों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ दिनों बाद ही वह खराब होने लगी है, जो Poor Quality Workmanship की ओर इशारा करता है।
जोन-4 के अधिशासी अभियंता के क्षेत्र में बना सड़क, फिर भी जानकारी नहीं
यह क्षेत्र नगर निगम Zone-4 के अंतर्गत आता है, जहाँ के अधिशासी अभियंता अतुल मिश्रा हैं।
लेकिन विभागीय जानकारी का न होना, सड़क निर्माण का Record गायब होना और Quality Control का अभाव—सब मिलकर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाते हैं।
नगर आयुक्त और महापौर की सख्त चेतावनी भी बेअसर
नगर आयुक्त गौरव कुमार कई बार कह चुके हैं कि
“Corruption और Negligence किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
महापौर सुषमा खर्कवाल भी लगातार विभागीय उदासीनता और non-transparent working style पर नाराज़गी जता चुकी हैं।
फिर भी विनम्र खंड-2 की सड़क पूरी तरह उलटी तस्वीर पेश करती है—
नियमों की अनदेखी, विभागीय जानकारी का अभाव और जिम्मेदारी तय न होना।
स्थानीय नागरिकों में रोष – “सड़क बनी किसकी अनुमति से?”
निवासियों ने सवाल उठाया कि—
- बिना विभागीय अनुमति सड़क कैसे बन गई?
- यदि सड़क दो महीने में टूट जाए तो जिम्मेदार कौन होगा?
- निर्माण एजेंसी कौन थी और बजट कहाँ से आया?
लोगों ने कहा कि यह मामला Public Safety और Government Accountability दोनों पर असर डालता है।
फैक्ट-फाइंडिंग जांच की मांग – पार्षद ने लिखा पत्र
पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने कहा कि यह प्रकरण गंभीर है और
“सड़क किस विभाग ने बनवाई, टेंडर किसे दिया गया, निर्माण एजेंसी कौन है और फंडिंग किस स्रोत से हुई”—
इन सभी बिंदुओं की जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने नगर आयुक्त से Fact-Finding Report तुरंत तैयार कराने का अनुरोध किया है, ताकि मामला स्पष्ट हो सके और दोषियों की पहचान हो सके।




