यूपी में बेमौसम बारिश ने मचाई तबाही, फसलें बर्बाद; सीएम ने 24 घंटे में नुकसान का आकलन करने को कहा

आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का भी अलर्ट, प्रभावित परिवारों व किसानों को तत्काल मदद के निर्देश
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली ने कई जिलों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी और कटाई के बाद रखी फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम के बिगड़े हालात को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को लखनऊ से नोएडा रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने आला अधिकारियों से कहा कि वे कार्यालयों तक सीमित न रहें और सीधे प्रभावित इलाकों में पहुंचें। उन्होंने बारिश और आकाशीय बिजली से हुए नुकसान का आकलन 24 घंटे के भीतर पूरा कराने तथा प्रभावित परिवारों और किसानों को नियमानुसार तत्काल मुआवजा और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली की आशंका में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। साथ ही उफनती नदियों और जलाशयों में जाने या नहाने से बचें।
कई जिलों में फसलों पर बारिश की मार
भारी बारिश की चेतावनी के बीच जिलों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। कई स्थानों पर स्कूलों में अवकाश भी घोषित किया गया है। एक जिले में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर नर्सरी से कक्षा 12 तक के विद्यालय बंद रखने का फैसला लिया गया है। हालांकि, पहले से निर्धारित परीक्षाएं अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होंगी।
बाराबंकी के दरियाबाद क्षेत्र में बारिश और तेज हवाओं से खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई। कटाई के बाद रखी फसल भी पानी में भीगकर प्रभावित हुई है। किसानों के मुताबिक इससे उत्पादन और आमदनी पर असर पड़ सकता है।
कानपुर में तिली, उड़द और मक्का की फसल को नुकसान की सूचना है। खेतों में पानी भरने से पकने की स्थिति में पहुंच चुकी उड़द और तिली के दाने खराब होने की आशंका है। मक्का की फसल भी प्रभावित हुई है।
बस्ती में तेज हवाओं के कारण गन्ने की पेड़ी और अगेती धान की फसल खेतों में गिर गई। किसानों को फसल में कीट लगने और धान की बालियां काली पड़ने की चिंता सता रही है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन-चार दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने और तापमान में गिरावट की संभावना है। कृषि विभाग ने प्रभावित जिलों में फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराने की तैयारी शुरू कर दी है।




