Welcome to Soochna India   Click to listen highlighted text! Welcome to Soochna India
ब्रेकिंग न्यूज़

सीतापुर रोड पर सड़क बनी ‘डंपिंग पॉइंट’, शिया कॉलेज के पास कूड़े का अंबार

दुर्गंध के बीच राहगीरों का निकलना मुश्किल, बीमारी फैलने का खतरा; जोन-3 में LSA की कूड़ा उठान और डोर-टू-डोर व्यवस्था पर सवाल

लखनऊ। राजधानी को स्वच्छ और स्मार्ट बनाने के तमाम दावों के बीच नगर निगम जोन-3 के सीतापुर रोड स्थित शिया कॉलेज के पास सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। यहां सड़क पर जगह-जगह कूड़ा बिखरा पड़ा है। हालात ऐसे हैं कि कूड़े से उठ रही दुर्गंध के कारण राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों का निकलना तक मुश्किल हो रहा है। बरसात के मौसम में खुले में पड़े कचरे से संक्रमण और बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है।

🔴 सड़क ही बना दी डंपिंग पॉइंट

शिया कॉलेज के पास मुख्य सड़क पर जिस तरह कचरा जमा है, उसने नगर निगम की कूड़ा उठान व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क किनारे कचरे का नियमित उठान नहीं होने से कई स्थान अघोषित डंपिंग पॉइंट जैसे दिखाई दे रहे हैं। सवाल यह है कि जब डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था संचालित होने का दावा किया जा रहा है, तो इतनी बड़ी मात्रा में कचरा मुख्य सड़क तक कैसे पहुंच रहा है और इसे समय से उठाया क्यों नहीं जा रहा?

🔴 जोन-3 में LSA की व्यवस्था पर सवाल

जोन-3 में कूड़ा कलेक्शन और उससे जुड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर लखनऊ स्वच्छता अभियान प्राइवेट लिमिटेड (LSA) की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। LSA के बाद व्यवस्था में बदलाव और जोनल स्तर पर जिम्मेदारियां बदले जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा। सीतापुर रोड की मौजूदा तस्वीर कूड़ा उठान के साथ-साथ फील्ड स्तर की मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़ी कर रही है।

🔴 डोर-टू-डोर कलेक्शन प्रभावी तो सड़कों पर कूड़ा क्यों?

सबसे बड़ा सवाल डोर-टू-डोर कलेक्शन को लेकर है। यदि घरों और प्रतिष्ठानों से नियमित रूप से कचरा एकत्र किया जा रहा है तो फिर मुख्य सड़कों और सड़क किनारे कूड़े के ढेर क्यों दिखाई दे रहे हैं? क्या एकत्र किया गया कचरा निर्धारित स्थान तक पहुंच रहा है या सड़क किनारे ही डंप किया जा रहा है? इसकी जमीनी जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की जरूरत है।

🔴 बरसात में कूड़ा बढ़ा सकता है जलभराव का संकट

सड़क पर खुले में पड़ा कचरा केवल गंदगी और दुर्गंध की समस्या नहीं है। बारिश के दौरान यही कूड़ा बहकर नालियों में पहुंचता है और जल निकासी व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। नालियां चोक होने पर जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। ऐसे में समयबद्ध कूड़ा उठान नहीं होना सफाई के साथ-साथ ड्रेनेज व्यवस्था के लिए भी चुनौती है।

🔴 स्मार्ट सिटी के दावों के बीच तस्वीर उठा रही सवाल

एक तरफ राजधानी को साफ-सुथरा और बेहतर बनाने के दावे किए जा रहे हैं, दूसरी तरफ सीतापुर रोड जैसी व्यस्त सड़क पर कूड़े का अंबार इन दावों की जमीनी हकीकत दिखा रहा है। शिया कॉलेज जैसे प्रमुख स्थान के आसपास अगर सफाई व्यवस्था का यह हाल है तो जोन-3 के अंदरूनी इलाकों में व्यवस्था की निगरानी को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन जोन-3 और LSA की कूड़ा उठान व्यवस्था की समीक्षा कर जवाबदेही तय करता है या सड़कों पर बने ऐसे अघोषित डंपिंग पॉइंट शहर की स्वच्छता व्यवस्था को इसी तरह आईना दिखाते रहेंगे।

मनीष मिश्रा
राज्य संवाददाता,
सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल

मनीष मिश्रा पिछले 8 वर्षों से सूचना इंडिया न्यूज़ चैनल के साथ राज्य संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं, और लखनऊ नगर निगम से संबंधित खबरों को गंभीरता के साथ जनता के समक्ष लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ शहर के नागरिकों के सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर और सफाई जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को नगर निगम के अधिकारियों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्टिंग की बदौलत नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और निस्तारण के लिए सक्रिय कदम भी उठाए। मनीष का उद्देश्य हमेशा से जनहित के मुद्दों को उजागर करना और प्रशासन को जिम्मेदार बनाना रहा है, जिसके लिए वह पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।

Mishra Manish

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Click to listen highlighted text!