कानपुर में तीन दिनों तक* *वैज्ञानिक चर्चा के लिए जुटेंगे जाने-माने पैथोलॉजिस्ट**माइक्रोबायोलॉजिस्ट और लैब एक्सपर्ट्स*

राजेश निगम की खास रिपोर्ट
कानपुर 30 सितम्बर 2026 कानपुर में तीन दिनों तक वैज्ञानिक चर्चा के लिए जुटेंगे जाने-माने पैथोलॉजिस्ट,माइक्रोबायोलॉजिस्ट और लैब एक्सपर्ट्सIAPM के UP चैप्टर का 33वां सालाना सम्मेलनः आधुनिक डायग्नोस्टिक्स, नई तकनीकों, रिसर्च और पैथोलॉजी केभविष्य पर रहेगा फोकस लैब साइंसेज विभाग, रीजेंसी हॉस्पिटल लिमिटेड, CSIM यूनिवर्सिटी, कानपुर में 2 से4 अक्टूबर 2026 तक इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट्स एंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स (IAPM) के उत्तरप्रदेश चैप्टर के 33वें सालाना सम्मेलन, UPPATHCON 2026 की मेजबानी करने जा रहा है।”डीकोडिंग डिजीज: क्लूज़ टू कंक्लूजन्स” (बीमारियों को सुराग से निष्कर्ष तक समझनाः) थीम पर आधारित यह तीनदिवसीय वैज्ञानिक सम्मेलन पैथोलॉजिस्ट्स, माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स, क्लिनिकल साइंटिस्ट्स, रिसर्चर्स और पोस्टग्रेजुएटट्रेनीज़ को एक साथ लाएगा। यह सम्मेलन आधुनिक डायग्नोस्टिक मेडिसिन, नई तकनीकों और ट्रांसलेशनल लेबोरेटरीप्रैक्टिस पर केंद्रित एक गहन कार्यक्रम होगा। यह जानकारी आयोजकसमिति के संरक्षक और रीजेंसी अस्पताल के CMD डॉ. अतुल कपूर ने दी।इस सम्मेलन को वैज्ञानिक विचारों के आदान-प्रदान, रिसर्च के प्रसार, निरंतर चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सिकीयव्यावहारिकता सीखने के मंच के रूप में तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य लेबोरेटरी डायग्नोसिस औरक्लिनिकल निर्णय लेने की प्रक्रिया के बीच तालमेल को मजबूत करना है। सम्मेलन के आधिकारिक विवरण केअनुसार, इसमें 700 से अधिक प्रतिनिधि और 200 से अधिक शोधपत्र ओरल प्रेजेंटेशन (मौखिक प्रस्तुति ) शामिल होंगे,साथ ही पोस्टर प्रेजेंटेशन और एक व्यापक वैज्ञानिक कार्यक्रम भी होगा, जिन्हें आधुनिक अवधारणाओं कोव्यावहारिक डायग्नोस्टिक कौशल में बदलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस कार्यक्रम में डिजिटल पैथोलॉजी,मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, एडवांस्ड PCR तरीके, नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेंसिंग, इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री, क्वालिटी एश्योरेंसऔर विशेष ग्रॉसिंग तकनीकें जैसे क्षेत्र शामिल हैं।मुख्य सम्मेलन में विशेषज्ञ व्याख्यान, मास्टरक्लास, संगोष्ठियां और मल्टी- डिसिप्लिनरी पैनल चर्चाएं होंगी, जिनमेंआधुनिक पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी के चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों पर बात की जाएगी।वैज्ञानिक कार्यक्रम रिसर्चर्स और पोस्टग्रेजुएट ट्रेनीज़ को ओरल और पोस्टर प्रेजेंटेशन के साथ-साथ ‘पैथोआर्ट’ केमाध्यम से अपने मौलिक काम को प्रस्तुत करने का मंच भी प्रदान करेगा।एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहलू जोड़ते हुए, UPPATHCON 2026 में एक पोस्टग्रेजुएट एकेडमिक प्रश्नोत्तरी भी शामिलहोगा, जो डायग्नोस्टिक तर्क, त्वरित याददाश्त और पैथोलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी के साथ गहरी समझ को बढ़ावादेगा।यह कॉन्फ्रेंस एकेडमिक जगत और डायग्नोस्टिक इंडस्ट्री को एक साथ लाएगी। इसमें ‘इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स’ (IVD)एग्ज़िबिशन होगी, जिसमें इंडस्ट्री के 45 से ज़्यादा स्टॉल लगेंगे। डेलीगेट्स को लैबोरेटरी ऑटोमेशन, डायग्नोस्टिकरिएजेंट्स, डिजिटल पैथोलॉजी और मॉलिक्यूलर प्लेटफ़ॉर्म जैसी टेक्नोलॉजी के बारे में जानने और समझने का मौकामिलेगा। वैज्ञानिक चर्चा, प्रैक्टिकल लर्निंग, ओरिजिनल रिसर्च और टेक्नोलॉजी के अनुभव का यह मेल एक ऐसा मंच बनाने केलिए है जहाँ लैबोरेटरी मेडिसिन में हुई तरक्की को न सिर्फ़ एकेडमिक नज़रिए से देखा जा सके, बल्कि मरीज़ों कीरोज़मर्रा की देखभाल में उनके इस्तेमाल के संदर्भ में भी समझा जा सके।इसे होस्ट करने वाली संस्था, रीजेंसी हॉस्पिटल लिमिटेड, 1995 से उत्तर प्रदेश के हेल्थकेयर सेक्टर का हिस्सा रही है।रीजेंसी अपनी शुरुआत राज्य के पहले मल्टी-स्पेशियलिटी टर्शियरी-केयर कॉर्पोरेट हॉस्पिटल के तौर पर बताती है औरइसने क्लिनिकल एक्सीलेंस, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, सहानुभूतिपूर्ण सेवा और लगातार सीखने की प्रक्रिया के आधार परअपना हेल्थकेयर नेटवर्क बनाया है।ऐसी संस्था के लिए जिसकी क्लिनिकल सेवाएँ समय पर, सटीक और तेज़ी से बेहतर होती डायग्नोसिस पर निर्भर करतीहैं, पैथोलॉजी और लैबोरेटरी मेडिसिन पर केंद्रित एक बड़ी एकेडमिक मीटिंग को होस्ट करना हेल्थकेयर, लर्निंग औरइनोवेशन के प्रति उसकी व्यापक प्रतिबद्धता का एक स्वाभाविक विस्तार है।UPPATHCON 2026 का मकसद एक ऐसा माहौल बनाना है जहाँ अनुभव का मिलन उभरते विज्ञान से हो, रिसर्च कामिलन क्लिनिकल प्रैक्टिस से हो और डायग्नोस्टिक विशेषज्ञता का मिलन टेक्नोलॉजी से हो। विशेषज्ञों के नेतृत्व वालेवैज्ञानिक सत्रों, प्रैक्टिकल वर्कशॉप, ओरिजिनल रिसर्च, पोस्टग्रेजुएट भागीदारी और इंडस्ट्री के साथ बातचीत के मेलसे, इस कॉन्फ्रेंस से प्रोफेशनल्स और ट्रेनीज़ को ज्ञान का आदान-प्रदान करने और आधुनिक हेल्थकेयर में पैथोलॉजीऔर माइक्रोबायोलॉजी की बदलती भूमिका को समझने के लिए एक अहम मंच मिलने की उम्मीद है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजन समिति की अध्यक्ष डॉ. अंजलि तिवारी, आयोजन सचिव डॉ. दीप्ति गुप्ता, सह आयोजनसचिव डॉ. नूपुर त्रिवेदी, डॉ. चांद निगम उपस्थित रहे।*कानपुर से राजेश निगम की खास रिपोर्ट*





